डेटा सेंटर बनेगा ग्रोथ का इंजन
Citigroup ने Cummins India के लिए अपना नज़रिया और बुलिश (bullish) कर लिया है, ब्रोकरेज फर्म ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹5,200 से बढ़ाकर ₹6,700 कर दिया है और 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है। इस तेज़ी के पीछे मुख्य वजह डेटा सेंटर सेक्टर में ज़बरदस्त डिमांड, कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन बिज़नेस में उभरते मौके और डोमेस्टिक पावर जनरेशन की लगातार ज़रूरतें हैं। Cummins India ने मार्च क्वार्टर में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जहां नेट प्रॉफिट 21% बढ़कर ₹630 करोड़ रहा, जो कि Citi के अनुमानों से काफी ज़्यादा है।
Citi ने बताया कि FY26 तक डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स से जुड़ी सप्लाई में तेज़ी आई है। अक्टूबर 2025 के बाद से को-लोकेशन ऑपरेटर्स (colocation operators) से भी पूछताछ बढ़ी है। Citigroup को उम्मीद है कि जून 2026 से डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में ग्रोथ को एक नई रफ्तार मिलेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए, FY27 और FY28 के लिए कंपनी के अर्निंग एस्टिमेट्स (earnings estimates) को भी बढ़ा दिया गया है।
Cummins India के पावर जनरेशन रेवेन्यू (revenue) में डेटा सेंटर का योगदान लगातार बढ़ रहा है। Citi के मुताबिक, मार्च क्वार्टर में हाई-हॉर्सपावर पावर जनरेशन रेवेन्यू में 50% से ज़्यादा की सालाना बढ़ोतरी देखी गई, जिसका एक बड़ा कारण डेटा सेंटर से जुड़े प्रोजेक्ट्स थे। पूरे साल के पावर जनरेशन रेवेन्यू का लगभग 30% से 35% और चौथे क्वार्टर में इस सेगमेंट के रेवेन्यू का करीब 35% इन्हीं प्रोजेक्ट्स से आया। हाइपरस्केलर्स (hyperscalers) और को-लोकेशन ऑपरेटर्स की तरफ से पूछताछ में अक्टूबर 2025 के बाद काफी तेज़ी दिखी।
डेटा सेंटर के अलावा भी डिमांड मज़बूत
हालांकि डेटा सेंटर एक बड़ा ग्रोथ ड्राइवर है, लेकिन Citigroup का कहना है कि व्यापक पावर जनरेशन बिज़नेस को कई अन्य डिमांड सोर्स का भी फायदा मिल रहा है। सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्यूटिकल्स (pharmaceuticals) और क्विक कॉमर्स (quick commerce) जैसे सेक्टर्स इस डिमांड को बढ़ा रहे हैं। कंपनी का डाइवर्सिफाइड बिज़नेस मॉडल (diversified business model) ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है। दूसरे इंडस्ट्रियल कंपनियों से मिले फीडबैक से भी यह संकेत मिलता है कि मार्केट में डिमांड अच्छी बनी हुई है।
डिस्ट्रीब्यूशन बिज़नेस में तेज़ी की उम्मीद
Citigroup को डिस्ट्रीब्यूशन बिज़नेस के लिए एक शानदार दौर आने की उम्मीद है, जो ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) दोनों को बढ़ा सकता है। FY26 में डिस्ट्रीब्यूशन बिज़नेस यूनिट ने वॉल्यूम (volume) बढ़ने के कारण 22% की सालाना ग्रोथ दर्ज की है। जून 2026 से एक बड़ा स्ट्रक्चरल मौका (structural opportunity) पैदा होने की उम्मीद है, जब CPCB IV+ इंजन अपनी स्टैंडर्ड वारंटी अवधि (warranty period) से ज़्यादा चलने लगेंगे। इससे मेंटेनेंस (maintenance), सर्विस कॉन्ट्रैक्ट्स (service contracts) और लाइफसाइकिल सॉल्यूशंस (lifecycle solutions) की डिमांड बढ़ेगी। Cummins India एक्सटेंडेड वारंटी प्रोग्राम (extended warranty programs) और स्पेशलाइज्ड मेंटेनेंस पैकेज (specialized maintenance packages) ऑफर करके इस मौके का फायदा उठा रहा है।
मार्जिन में मजबूती और एस्टिमेट्स में बदलाव
ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के मजबूत मार्जिन परफॉरमेंस (margin performance) पर भी ज़ोर दिया। Cummins India कमोडिटी इन्फ्लेशन (commodity inflation) और बढ़ते फ्यूल कॉस्ट (fuel costs) जैसे जोखिमों से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में है, जिसका एक कारण हाई लोकलाइजेशन (high localization) भी है। ऑपरेटिंग लिवरेज (operating leverage), हाई-हॉर्सपावर प्रोडक्ट्स (high-horsepower products) का बढ़ता योगदान और मुख्य सेगमेंट में प्राइसिंग पावर (pricing power) मार्जिन को सपोर्ट करने की उम्मीद है। कंपनी अपने इनपुट कॉस्ट (input cost) में बढ़ोतरी को आसानी से आगे बढ़ा सकती है क्योंकि उसका बिज़नेस शॉर्ट साइकल (short cycle) वाला है। मजबूत मार्च क्वार्टर नतीजों के बाद, Citigroup ने FY27 और FY28 के लिए अर्निंग पर शेयर (earnings per share) एस्टिमेट्स को क्रमशः 8% और 14% तक बढ़ा दिया है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच EBIT (Earnings Before Interest and Tax) में सालाना करीब 21% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ (compounded annual growth) देखने को मिलेगी।
