Citigroup का अनुमान है कि भारत के सीमेंट सेक्टर के लिए आने वाला फाइनेंशियल ईयर 2027 चुनौतीपूर्ण रहेगा। कंपनी को कमजोर कीमतों और मांग में सुस्ती का अनुमान है। ब्रोकरेज फर्म ने Ultratech Cement और JSW Cement को अपने पसंदीदा स्टॉक्स में रखा है, जबकि Ramco Cement को 'Sell' रेटिंग दी है।
क्या है Citi की रिपोर्ट में?
Citigroup ने भारतीय सीमेंट इंडस्ट्री के लिए आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2027 को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीमेंट कंपनियों को कमजोर कीमतों (weak pricing), घटते मुनाफे (declining profitability) और सुस्त मांग (demand slowdown) का सामना करना पड़ सकता है।
इसकी वजह सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्चों में संभावित कमी और मानसून को लेकर अनिश्चितता बताई जा रही है। इन फैक्टर्स के चलते कंपनियों की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (capacity utilization) कम हो सकती है और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
पिछली तिमाही के आंकड़े क्या कहते हैं?
Citigroup के डेटा के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 के बीच कई कंपनियों की कीमतों में -4% से -1% की सालाना गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह, प्रति टन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA per tonne) में भी 1% से 10% तक की गिरावट देखी गई।
इनपुट कॉस्ट (input costs) भी बढ़ी हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में इंटरनेशनल पेट कोक (pet coke) की कीमतें 18% बढ़ीं। वहीं, घरेलू कोयला (coal) और पेट कोक की कीमतों में भी 6% से 7% की महीने-दर-महीने बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट का अनुमान है कि लागत की भरपाई के लिए इंडस्ट्री को प्रति बैग ₹25 से ₹30 की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। हालांकि, मई 2026 में कीमतों को बढ़ाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं, क्योंकि बाजार में कड़े मुकाबले और कमजोर मांग के कारण कीमतें करीब ₹396 प्रति बैग पर स्थिर रहीं।
सेक्टर के टॉप स्टॉक्स और रेटिंग्स
सेक्टर की चुनौतियों के बावजूद, Citigroup ने कुछ चुनिंदा कंपनियों पर भरोसा जताया है। लार्ज-कैप स्टॉक्स में Ultratech Cement को टॉप पिक (top pick) बताया गया है, जबकि स्मॉल और मिड-कैप कैटेगरी में JSW Cement को प्राथमिकता दी गई है।
ब्रोकरेज फर्म ने Grasim Industries, Shree Cement, Dalmia Bharat, Nuvoco Vistas, और JK Cement को 'Buy' रेटिंग दी है। वहीं, Ramco Cement को 'Sell' रेटिंग के साथ लिस्ट किया है।
बाजार और मांग के जोखिम (Market and Demand Risks)
रिपोर्ट के अनुसार, सीमेंट सेक्टर फाइनेंशियल ईयर 2027 में मुश्किलों का सामना करेगा और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में थोड़ी गिरावट आ सकती है। टॉप 5 कंपनियों की मार्केट हिस्सेदारी 2026 के 63% से बढ़कर 2029 तक 64% होने का अनुमान है, लेकिन यह तेजी धीमी रह सकती है।
सेक्टर में सुधार की उम्मीद फाइनेंशियल ईयर 2028 में है, जो मांग में 7% की बढ़ोतरी और बेहतर इंडस्ट्री यूटिलाइजेशन से प्रेरित हो सकती है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
- सरकारी खर्च: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकारी खर्च की स्थिति।
- मानसून: ग्रामीण इलाकों में निर्माण मांग पर मानसून का असर।
- कीमतें तय करने की क्षमता: बढ़ती इनपुट कॉस्ट के मुकाबले कंपनियां कीमतें बढ़ाने में कितनी सफल रहती हैं।
- EBITDA Per Tonne: कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन की सेहत।
