China's Chip Ambition: ASML को सीधी टक्कर, बनाई अपनी DUV मशीन

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AuthorAditya Rao|Published at:
China's Chip Ambition: ASML को सीधी टक्कर, बनाई अपनी DUV मशीन

दुनियाभर में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में चीन ने अब अपनी खुद की DUV लिथोग्राफी मशीनें बनाना शुरू कर दिया है। शंघाई आइसेंग्ना (Shanghai Aishengna) नाम की सरकारी कंपनी इस प्रोजेक्ट को लीड कर रही है। यह कदम पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए एक्सपोर्ट बैन (Export Ban) के बीच उठाया गया है, जिससे चीन विदेशी टेक्नोलॉजी पर अपनी निर्भरता कम कर सके। हालांकि, ये मशीनें अभी टेस्टिंग फेज (Testing Phase) में हैं, लेकिन इस खबर से ग्लोबल सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट (Semiconductor Equipment) स्टॉक्स में हलचल मच गई है।

Detailed Coverage

क्यों उठाया ये कदम?

चीन ने आधिकारिक तौर पर अपनी खुद की इमर्शन डीप अल्ट्रावायलेट (DUV) लिथोग्राफी मशीनें बनाना शुरू कर दिया है। इस बड़े कदम के पीछे शंघाई आइसेंग्ना इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी ग्रुप (Shanghai Aishengna Electronic Technology Group) का हाथ है, जो एक सरकारी कंपनी है और जिसका मकसद चीन की लोकल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन (Semiconductor Supply Chain) को मजबूत करना है। इस कदम से बीजिंग पश्चिमी देशों के उन एक्सपोर्ट बैन (Export Ban) को दरकिनार करने की कोशिश कर रहा है, जिन्होंने एडवांस्ड फॉरेन-मेड इक्विपमेंट (Foreign-made Equipment) तक चीन की पहुंच को सीमित कर दिया है।

मार्केट पर क्या होगा असर?

DUV लिथोग्राफी के क्षेत्र में एक लोकल प्लेयर (Local Player) के आने से ग्लोबल मार्केट में हलचल तेज हो गई है। निवेशकों में इस बात को लेकर चिंता है कि क्या इससे ASML जैसी दिग्गज कंपनियों की डिमांड (Demand) पर असर पड़ेगा। चीन के लोकल चिपमेकर्स (Chipmakers) अब डोमेस्टिक अल्टरनेटिव्स (Domestic Alternatives) की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे लॉन्ग-टर्म डिमांड पर असर पड़ सकता है। डच कंपनी ASML, जो इमर्शन DUV और एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट (EUV) मशीनों की ग्लोबल सप्लायर (Global Supplier) है, की शेयर कीमतों में इस खबर के बाद गिरावट देखी गई।

प्रोडक्शन टारगेट और तकनीकी हकीकत

शंघाई आइसेंग्ना का फिलहाल का प्रोडक्शन टारगेट (Production Target) काफी छोटा है, और कंपनी इस साल करीब 5 इमर्शन DUV यूनिट्स बनाने का लक्ष्य रखती है। 2027 तक, कंपनी इस आउटपुट को बढ़ाकर सालाना करीब 20 यूनिट्स तक ले जाने की योजना बना रही है। ये मशीनें देश की बड़ी चिप फाउंड्रीज़ (Chip Foundries) जैसे सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉर्प (SMIC) और हुआ हांग सेमीकंडक्टर (Hua Hong Semiconductor) में इस्तेमाल की जाएंगी।

तकनीकी तौर पर, इमर्शन DUV मशीनें लेंस और सिलिकॉन वेफर (Silicon Wafer) के बीच पानी की एक परत का इस्तेमाल करती हैं, जिससे बारीक सर्किट्स (Circuits) बनाए जा सकते हैं। यह रिलेटिवली सोफिस्टिकेटेड चिप्स (Sophisticated Chips) बनाने में मदद करता है। हालांकि, इंडस्ट्री अभी भी इन डोमेस्टिक यूनिट्स की असल क्षमता को लेकर थोड़ी सतर्क है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मशीनें अभी टेस्टिंग फेज (Testing Phase) में हैं और अभी भी इंटरनेशनल वेंडर्स (International Vendors) की परफॉरमेंस (Performance), रिलायबिलिटी (Reliability) और प्रिसिजन (Precision) के स्तर तक नहीं पहुंची हैं।

निवेशकों के लिए खास बातें

इस पहल का लॉन्ग-टर्म असर कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगा जिन पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी होगी। सबसे अहम अपडेट फील्ड परफॉरमेंस (Field Performance) का होगा। अगर डोमेस्टिक यूनिट्स बड़े पैमाने पर काम करने लायक चिप्स का उत्पादन करने में सफल रहती हैं, तो चीन की सेल्फ-सफिशिएंसी (Self-sufficiency) तेज हो सकती है। वहीं, अगर तकनीकी दिक्कतें बनी रहती हैं, तो इंटरनेशनल सप्लायर्स (International Suppliers) का चीनी मार्केट पर कब्जा बरकरार रह सकता है। इसके अलावा, मार्केट पार्टिसिपेंट्स (Market Participants) इस पर भी नजर रखेंगे कि क्या इंटरनेशनल एक्सपोर्ट कंट्रोल्स (Export Controls) और टाइट होते हैं, क्योंकि यह सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी (Semiconductor Technology) पर दबदबे की जंग का एक अहम फैक्टर बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.