Century Plyboards Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में 18.4% बढ़ा रेवेन्यू, मुनाफे में शानदार उछाल!

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Century Plyboards Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में 18.4% बढ़ा रेवेन्यू, मुनाफे में शानदार उछाल!
Overview

Century Plyboards India Limited ने Q3 FY26 में दमदार परफॉरमेंस दिखाई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में **18.4%** बढ़कर **₹1,350 करोड़** हो गया है। EBITDA मार्जिन भी सुधरकर **12.6%** पर पहुंच गया, जो लागत दक्षता और वॉल्यूम ग्रोथ का नतीजा है।

नतीजों का गहराई से विश्लेषण

कंपनी ने Q3 FY26 में शानदार प्रदर्शन किया है, जहाँ कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,350 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18.4% ज्यादा है। पूरे नौ महीनों (9MFY26) में रेवेन्यू ग्रोथ 17.3% ईयर-ऑन-ईयर रही। प्रॉफिटेबिलिटी की बात करें तो, कंसोलिडेटेड EBITDA (विदेशी मुद्रा के प्रभाव को छोड़कर) ₹170.5 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन में भी सुधार देखा गया, यह 12.6% पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 10.7% से काफी बेहतर है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह बढ़ोतरी बढ़ते वॉल्यूम, ऑपरेटिंग लिवरेज के फायदे और विभिन्न सेगमेंट में लागत में प्रभावी कमी के कारण संभव हुई है।

सेगमेंट-वार प्रदर्शन:
Plywood सेगमेंट ने ₹710 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया, जिसमें 14.9% की ईयर-ऑन-ईयर बढ़ोतरी हुई और EBITDA मार्जिन 15.1% पर बना रहा। Laminates डिविजन ने ₹183 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया ( +9.6% YoY), लेकिन इसका EBITDA मार्जिन 7.7% रहा। हालांकि, मैनेजमेंट का भरोसा है कि FY27 तक यह डबल-डिजिट मार्जिन हासिल कर लेगा और 20% से अधिक ग्रोथ दिखाएगा। MDF बिजनेस ने मजबूत तेजी दिखाई, रेवेन्यू 19.1% बढ़ा और EBITDA मार्जिन 12.1% रहा। Particleboard सेगमेंट ने अपने इतिहास की सबसे ज्यादा तिमाही बिक्री ₹65 करोड़ हासिल की, और इसका EBITDA ब्रेक-ईवन पर आ गया।

भविष्य की योजनाएं और आउटलुक:
अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए भी कंपनी का अनुमान है कि प्रदर्शन FY26 जैसा ही या उससे बेहतर रहेगा। कंपनी अपने महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक लक्ष्य, यानी FY31 तक ₹12,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने की बात दोहरा रही है, जिसके लिए सालाना 18% से ज्यादा की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) ग्रोथ की जरूरत होगी। बिल्डिंग मैटेरियल्स इंडस्ट्री का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है, जिसका कारण शहरीकरण और लोगों की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम है।

मैनेजमेंट की राय:
MDF इंडस्ट्री में मौजूदा प्राइसिंग और क्षमता विस्तार को लेकर जताई गई चिंताओं पर मैनेजमेंट ने कहा कि मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है। उनका अनुमान है कि अगले 1 से 1.5 साल में EBITDA मार्जिन वापस 15-20% के स्तर पर पहुंच जाएगा। CFS सेगमेंट में रेवेन्यू में 43.3% की भारी बढ़ोतरी हुई, हालांकि मार्जिन में कुछ गिरावट देखी गई, जिसकी विस्तृत जानकारी जल्द आने की उम्मीद है। कंपनी बड़ा Capex भी कर रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश में ₹1,100 करोड़ का एक बड़ा प्रोजेक्ट शामिल है, जिसमें नए Plywood और MDF प्लांट लगेंगे। इस प्रोजेक्ट का फंड मुख्य रूप से कंपनी की आंतरिक कमाई से आएगा।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.