Century Plyboards Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **46%** उछला, विस्तार की नई योजनाओं पर नजर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Century Plyboards Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **46%** उछला, विस्तार की नई योजनाओं पर नजर

Century Plyboards ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **46%** बढ़कर **₹103.62 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही टोटल इनकम में भी **₹1,782.13 करोड़** तक का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।

Century Plyboards (India) Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 46% बढ़कर ₹103.62 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹70.94 करोड़ था। कंपनी की टोटल इनकम भी पिछले साल के ₹1,387.44 करोड़ से बढ़कर ₹1,782.13 करोड़ पर पहुंच गई है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) में कंपनी का कुल नेट प्रॉफिट ₹186.93 करोड़ रहा है, जो पिछले साल के ₹123.87 करोड़ से काफी बेहतर है।

मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल फुटप्रिंट का विस्तार

कंपनी अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ा रही है। 2 नवंबर 2026 से होशियारपुर, पंजाब में स्थित नई प्लाइवुड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। करीब ₹180 करोड़ के निवेश से बनी यह यूनिट वुड पैनल सेगमेंट की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगी।

इतना ही नहीं, कंपनी ने इंटरनेशनल मार्केट में भी कदम रखने की तैयारी कर ली है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सिंगापुर में एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाने की मंजूरी दी है, जो लैमिनेट्स की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पर ध्यान देगी। इसके अलावा, हॉन्ग कॉन्ग में भी एक सब्सिडियरी बनाने की योजना है, जो फर्नीचर फिटिंग और हार्डवेयर की ट्रेडिंग देखेगी।

निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?

कंपनी इस समय भारी कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) के दौर से गुजर रही है। नए प्रोजेक्ट्स और प्लांट निर्माण में बड़े पैमाने पर पैसा खर्च हो रहा है, जिससे कैश फ्लो और कर्ज पर असर पड़ सकता है। निवेशकों को कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) पर नजर रखनी चाहिए।

वुड पैनल और इंटीरियर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की अन्य कंपनियों की तरह, Century Plyboards के सामने भी कच्चे माल (Timber और Chemicals) की कीमतों में उतार-चढ़ाव की चुनौती है। साथ ही, बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर से मिलने वाली टक्कर के बीच कंपनी अपनी मार्जिन को कैसे बनाए रखती है, यह देखना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.