Cement Stocks: सीमेंट कंपनियों के शेयर लुढ़के, 52-हफ्ते के निचले स्तर पर; जानें क्या है संकट?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Cement Stocks: सीमेंट कंपनियों के शेयर लुढ़के, 52-हफ्ते के निचले स्तर पर; जानें क्या है संकट?

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग लगने से भारतीय सीमेंट कंपनियों के शेयरों में हड़कंप मच गया है। ACC, Ambuja Cements और Shree Cement जैसे बड़े दिग्गज शेयरों ने **52-हफ्ते का निचला स्तर** छू लिया है, क्योंकि निवेशकों को डर है कि फ्यूल और फ्रेट की बढ़ती लागत उनके मुनाफे पर भारी पड़ेगी।

मुनाफे पर क्यों है संकट?

11 सितंबर, 2026 को भारतीय सीमेंट सेक्टर के लिए एक काला दिन साबित हुआ। ACC, Ambuja Cements, Shree Cement और Sagar Cement जैसे प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। इस गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल एनर्जी कीमतों में हो रही बढ़ोतरी है।

कच्चे तेल का डबल अटैक

WTI क्रूड ऑयल की कीमतें $103 से $104 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, वहीं ब्रेंट क्रूड भी $108 के करीब बना हुआ है। सीमेंट प्रोडक्शन में भट्टियों (kilns) को गर्म रखने और माल ढुलाई के लिए डीजल का भारी इस्तेमाल होता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन लागतों के कारण फाइनेंशियल ईयर 2027 में ऑपरेटिंग मार्जिन 150 से 200 बेसिस पॉइंट्स तक गिर सकते हैं।

क्यों नहीं बढ़ पा रहे दाम?

एक तरफ इनपुट कॉस्ट का दबाव है, तो दूसरी तरफ मानसून के कारण बाजार में मांग (demand) भी सुस्त है। प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक है कि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने की स्थिति में नहीं हैं। इसे बाजार में 'डबल मार' कहा जा रहा है।

भविष्य की तैयारी: ग्रीन एनर्जी पर दांव

इतनी चुनौतियों के बावजूद कंपनियां लॉन्ग-टर्म प्लान पर काम कर रही हैं। इंडस्ट्री ने ग्रीन पावर कैपेसिटी के लिए ₹12,000 करोड़ से ₹13,000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है, ताकि भविष्य में पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम हो सके। हालांकि, निवेशकों की निगाहें अभी कच्चे तेल की कीमतों के स्थिर होने और मानसून के बाद डिमांड में सुधार पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.