डिमांड बढ़ी, पर लागतों का 'डबल अटैक'
Nirmal Bang की रिपोर्ट के मुताबिक, सीमेंट इंडस्ट्री में Q4 FY26 के लिए डिमांड का आउटलुक काफी पॉजिटिव है। कंपनियों की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilisation) में सुधार और कीमतों में रिकवरी की उम्मीद है।
मगर, इस डिमांड बूम के सामने कई मुश्किलें खड़ी हैं। पॉलीप्रोपाइलीन बैग्स, डीजल, कोयला और पेटकोक जैसे जरूरी इनपुट की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। Nirmal Bang का मानना है कि कीमतों में कुछ बढ़ोतरी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन इन बढ़ती लागतों और सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव बना रहेगा।
ACC और Ambuja Cements पर ब्रोकरेज का नया रुख
Nirmal Bang ने ACC Limited और Ambuja Cements दोनों पर 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन आने वाली चुनौतियों को देखते हुए उनके टारगेट प्राइस (Target Price) को कम कर दिया है।
ACC के लिए, Nirmal Bang FY25 से FY27 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट (PAT) में 11% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान लगा रहा है। फिलहाल, स्टॉक का फॉरवर्ड EV/EBITDA मल्टीपल 6.2x है, जो इसके 5-साल के औसत 13x से काफी नीचे है। लेकिन, ऊंची फ्यूल कॉस्ट को देखते हुए, ब्रोकरेज ने मार्च 2028 के लिए EV/EBITDA मल्टीपल को 10.6x से घटाकर 8x कर दिया है। इस एडजस्टमेंट के बाद ACC का टारगेट प्राइस ₹1,622 कर दिया गया है, जो पहले ₹1,963 था (यानी लगभग 15% की गिरावट)।
Ambuja Cements के लिए, FY25 से FY27 तक रेवेन्यू में 25%, EBITDA में 34% और PAT में 17% का CAGR अनुमानित है। स्टॉक अभी FY27 EV/EBITDA पर 9.6x पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके 5-साल के औसत 11.8x से कम है। ब्रोकरेज ने FY27 के अनुमानों और फ्यूल की अस्थिर कीमतों के चलते मार्च 2028 तक EV/EBITDA मल्टीपल को 12x से घटाकर 11x कर दिया है। इससे Ambuja Cements का नया टारगेट प्राइस ₹558 हो गया है, जो पहले ₹702 था।
लागत का दबाव और सेक्टर की कमजोरियां
वैश्विक तनाव के कारण वेस्ट एशिया से आने वाले पेटकोक और कोयले की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे सीमेंट सेक्टर की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर सीधा असर पड़ रहा है। एनर्जी और फ्यूल पर प्रोडक्शन कॉस्ट का 30-45% खर्च होता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से लॉजिस्टिक्स और पॉलीप्रोपाइलीन बैग्स जैसी पैकेजिंग की लागतें भी बढ़ी हैं।
ICRA के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY2027 की पहली छमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर दबाव रहेगा। EBITDA प्रति मीट्रिक टन 6-11% घटकर ₹820-870 के बीच रह सकता है। इस स्थिति में, ओवरकैपेसिटी (Overcapacity) वाले इस इंडस्ट्री के लिए बढ़ी हुई लागतों का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो रहा है।
आगे का आउटलुक
इन मार्जिन प्रेशर के बावजूद, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर से सीमेंट की डिमांड मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। ICRA को FY27 में इंडस्ट्री ग्रोथ 7-8% रहने का अनुमान है। UltraTech Cement जैसी बड़ी कंपनियां 23.2x EV/EBITDA पर ट्रेड कर रही हैं, जिनकी मार्केट कैप ₹3.16 ट्रिलियन (March 31, 2026 तक) थी। Adani Group के सीमेंट बिजनेस का हिस्सा Ambuja Cements भी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने और प्लांट-लेवल EBITDA मार्जिन सुधारने पर काम कर रही है।