सीमेंट के दाम फिर बेकाबू! मई में ₹30 तक की बढ़ोतरी की तैयारी, मांग पर छाई मंदी

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AuthorMehul Desai|Published at:
सीमेंट के दाम फिर बेकाबू! मई में ₹30 तक की बढ़ोतरी की तैयारी, मांग पर छाई मंदी
Overview

सीमेंट बनाने वाली कंपनियां मई में एक बार फिर कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि प्रति बैग **₹10 से ₹25** तक दाम बढ़ सकते हैं। हालांकि, लगातार कमजोर मांग (weak demand) और इनपुट लागतों (input costs) में हो रहे इजाफे के चलते यह कदम कंपनियों के लिए एक चुनौती है।

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दाम बढ़ाने की दूसरी कोशिश

अप्रैल में दाम बढ़ाने के बाद, अब सीमेंट उत्पादक मई महीने में एक बार फिर कीमतों को बढ़ाने का मन बना रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स के मुताबिक, इस बार प्रति बैग ₹10 से ₹25 की नई वृद्धि देखी जा सकती है।

किस क्षेत्र में कितना झटका?

दक्षिणी राज्यों (Southern markets) में दाम सबसे ज्यादा, करीब ₹25 प्रति बैग तक बढ़ने की आशंका है। वहीं, पूर्वी भारत (East) में यह बढ़ोतरी ₹25-30 प्रति बैग के स्तर तक जा सकती है। उत्तरी और पश्चिमी भारत में यह मामूली, ₹10-15 प्रति बैग के आसपास रह सकती है।

लागतों का बढ़ता बोझ

कीमतें बढ़ाने की मुख्य वजह इनपुट लागतों (input costs) में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। सीमेंट की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले पॉलीप्रोपाइलीन (polypropylene) के दाम अचानक 70% तक उछल गए हैं। वहीं, माल ढुलाई यानी फ्रेट कॉस्ट (freight costs) में भी 10-15% का इजाफा हुआ है। सीमेंट की कुल लागत का 20-25% हिस्सा लॉजिस्टिक्स (logistics) पर आता है, जो अब काफी महंगा हो गया है।

कमजोर मांग, बढ़ा कंपनियों का सिरदर्द

इन बढ़ती लागतों के बावजूद, बाजार में सीमेंट की मांग (demand) अब भी कमजोर बनी हुई है। डिस्ट्रीब्यूटर्स के अनुसार, निर्माण कार्यों में कोई खास तेजी नहीं आई है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या खरीदार बढ़ी हुई कीमतों को स्वीकार कर पाएंगे, जिसका सीधा असर कंपनियों के सेल्स वॉल्यूम (volumes) पर पड़ सकता है।

अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर

सीमेंट, जो किसी भी निर्माण का अहम हिस्सा है, के महंगा होने से रियल एस्टेट (real estate) और इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) जैसे बड़े सेक्टर्स पर चोट पड़ सकती है। रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कुल निर्माण लागत का लगभग 18-22% सीमेंट पर ही खर्च होता है। वहीं, सड़कों और पुलों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तो सीमेंट का इस्तेमाल 80-90% तक होता है, ऐसे में ये प्रोजेक्ट्स कीमतों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं।

विश्लेषकों की चिंता

विश्लेषक (Analysts) सेक्टर के मौजूदा मुनाफे (profits) को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना ​​है कि मौजूदा मूल्य वृद्धि शायद बढ़ी हुई इनपुट और लॉजिस्टिक्स लागतों को पूरी तरह से कवर नहीं कर पाएगी। फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27) की पहली तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन (operating margins) में पिछली तिमाही की तुलना में 25-30% और पिछले साल की तुलना में 45% तक की गिरावट आ सकती है। लागतों की भरपाई के लिए लगभग ₹50 प्रति बैग की कुल बढ़ोतरी की जरूरत होगी, लेकिन कमजोर मांग के चलते इतनी आक्रामक मूल्य वृद्धि मुश्किल लग रही है। ऐसे में निवेशकों की नजरें UltraTech Cement, Ambuja Cements, Shree Cement, Dalmia Bharat और JK Cement जैसे प्रमुख सीमेंट शेयरों पर टिकी हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.