दाम बढ़ाने की दूसरी कोशिश
अप्रैल में दाम बढ़ाने के बाद, अब सीमेंट उत्पादक मई महीने में एक बार फिर कीमतों को बढ़ाने का मन बना रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स के मुताबिक, इस बार प्रति बैग ₹10 से ₹25 की नई वृद्धि देखी जा सकती है।
किस क्षेत्र में कितना झटका?
दक्षिणी राज्यों (Southern markets) में दाम सबसे ज्यादा, करीब ₹25 प्रति बैग तक बढ़ने की आशंका है। वहीं, पूर्वी भारत (East) में यह बढ़ोतरी ₹25-30 प्रति बैग के स्तर तक जा सकती है। उत्तरी और पश्चिमी भारत में यह मामूली, ₹10-15 प्रति बैग के आसपास रह सकती है।
लागतों का बढ़ता बोझ
कीमतें बढ़ाने की मुख्य वजह इनपुट लागतों (input costs) में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। सीमेंट की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले पॉलीप्रोपाइलीन (polypropylene) के दाम अचानक 70% तक उछल गए हैं। वहीं, माल ढुलाई यानी फ्रेट कॉस्ट (freight costs) में भी 10-15% का इजाफा हुआ है। सीमेंट की कुल लागत का 20-25% हिस्सा लॉजिस्टिक्स (logistics) पर आता है, जो अब काफी महंगा हो गया है।
कमजोर मांग, बढ़ा कंपनियों का सिरदर्द
इन बढ़ती लागतों के बावजूद, बाजार में सीमेंट की मांग (demand) अब भी कमजोर बनी हुई है। डिस्ट्रीब्यूटर्स के अनुसार, निर्माण कार्यों में कोई खास तेजी नहीं आई है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या खरीदार बढ़ी हुई कीमतों को स्वीकार कर पाएंगे, जिसका सीधा असर कंपनियों के सेल्स वॉल्यूम (volumes) पर पड़ सकता है।
अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
सीमेंट, जो किसी भी निर्माण का अहम हिस्सा है, के महंगा होने से रियल एस्टेट (real estate) और इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) जैसे बड़े सेक्टर्स पर चोट पड़ सकती है। रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कुल निर्माण लागत का लगभग 18-22% सीमेंट पर ही खर्च होता है। वहीं, सड़कों और पुलों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तो सीमेंट का इस्तेमाल 80-90% तक होता है, ऐसे में ये प्रोजेक्ट्स कीमतों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं।
विश्लेषकों की चिंता
विश्लेषक (Analysts) सेक्टर के मौजूदा मुनाफे (profits) को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि मौजूदा मूल्य वृद्धि शायद बढ़ी हुई इनपुट और लॉजिस्टिक्स लागतों को पूरी तरह से कवर नहीं कर पाएगी। फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27) की पहली तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन (operating margins) में पिछली तिमाही की तुलना में 25-30% और पिछले साल की तुलना में 45% तक की गिरावट आ सकती है। लागतों की भरपाई के लिए लगभग ₹50 प्रति बैग की कुल बढ़ोतरी की जरूरत होगी, लेकिन कमजोर मांग के चलते इतनी आक्रामक मूल्य वृद्धि मुश्किल लग रही है। ऐसे में निवेशकों की नजरें UltraTech Cement, Ambuja Cements, Shree Cement, Dalmia Bharat और JK Cement जैसे प्रमुख सीमेंट शेयरों पर टिकी हैं।
