Cello World के प्रमोटर्स, जो कंपनी की लगभग 75% हिस्सेदारी रखते हैं, ने इन्वेस्टमेंट बैंकर्स से संपर्क किया है और प्रमुख प्राइवेट इक्विटी फर्म्स जैसे Kedaara Capital, Blackstone, और Advent International के साथ शुरुआती बातचीत शुरू कर दी है। यह इस बात का संकेत है कि वे अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने के लिए गंभीर हैं।
कंपनी के स्टॉक में पिछले छह महीनों में लगभग 31% की भारी गिरावट आई है, हालांकि मंगलवार, 24 मार्च 2026 को यह 3.62% चढ़कर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर ₹384.30 और ₹673.80 के बीच रहा है। स्टॉक की यह लगातार गिरावट प्रमोटर्स के इस फैसले के पीछे एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
Cello World हाउसवेयर्स, स्टेशनरी और फर्नीचर जैसे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स सेगमेंट में काम करती है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) इंडस्ट्री एवरेज 37.56 से 58.0 की तुलना में लगभग 26-30x है, जिसका अर्थ है कि यह डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी पर डेट (Debt) भी लगभग न के बराबर है (Debt-to-Equity ratio 0.00), जो इसे PE फर्म्स के लिए आकर्षक बनाता है।
हालांकि कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर में हालिया चुनौतियाँ देखी गई हैं, लेकिन भारतीय कंज्यूमर मार्केट में ग्रोथ की संभावनाओं को देखते हुए एनालिस्ट्स अभी भी पॉजिटिव हैं। उनका मानना है कि स्टॉक में 30-50% तक का अपसाइड देखने को मिल सकता है।
किसी भी प्राइवेट इक्विटी एक्वीजीशन (Acquisition) में SEBI के नियमों के तहत पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर लाना अनिवार्य होगा। ब्रोकरेज फर्म Investec ने हाल ही में मार्केट की चुनौतियों और कॉम्पिटिशन को देखते हुए स्टॉक पर 'Sell' रेटिंग दी है।