Ceigall India: बिहार में ₹2,160 करोड़ का हाईवे प्रोजेक्ट जीता, कंपनी के शेयर में आई तेजी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Ceigall India: बिहार में ₹2,160 करोड़ का हाईवे प्रोजेक्ट जीता, कंपनी के शेयर में आई तेजी
Overview

Ceigall India Limited को बिहार में नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से **₹2,160 करोड़** का एक बड़ा हाईवे प्रोजेक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट **78.942 किमी** लंबा होगा और हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत दिया गया है, जिसमें **15 साल** का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) भी शामिल है।

🚀 बड़ा प्रोजेक्ट हाथ लगा, कंपनी की चमक बढ़ी!

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Ceigall India Limited के लिए एक अच्छी खबर आई है। कंपनी की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी Ceigall Infra Projects Private Limited के ज़रिए, नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से 11 फरवरी 2026 को ₹2,160 करोड़ की लागत वाले एक बड़े प्रोजेक्ट का लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) मिला है। यह प्रोजेक्ट बिहार राज्य में "साहिबगंज अरराज बेतिया एनएच 139W का 4 लेन निर्माण" से जुड़ा है और कुल 78.942 किमी की लंबाई को कवर करेगा।

हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) का फायदा

इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत अवार्ड किया गया है। इस मॉडल में सरकार और प्राइवेट कंपनी के बीच फंड की शेयरिंग होती है। यह अवार्ड Ceigall India को आने वाले फाइनेंशियल पीरियड्स के लिए अच्छी खासी रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करता है। कंस्ट्रक्शन का काम लगभग 2 साल (730 दिन) में पूरा होगा, जिसके बाद कंपनी अगले 15 सालों तक प्रोजेक्ट का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) संभालेगी। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि यह एक आर्म्स लेंथ डील है और इसमें NHAI के साथ प्रमोटर या ग्रुप कंपनी का कोई इंटरेस्ट शामिल नहीं है।

आगे क्या उम्मीदें?

इस बड़े प्रोजेक्ट के मिलने से भारतीय हाईवे कंस्ट्रक्शन और डेवलपमेंट सेक्टर में Ceigall India की पोजिशन और मजबूत हुई है। हालांकि, प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन में लैंड एक्विजिशन या साइट कंडीशंस जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। HAM मॉडल के तहत NHAI से फंड का समय पर डिस्बर्समेंट प्रोजेक्ट के सुचारू रूप से चलने के लिए बहुत ज़रूरी होगा। वहीं, 15 साल के O&M पीरियड से कंपनी को स्टेबल और रिकरिंग रेवेन्यू मिलता रहेगा, जिसके लिए कंपनी को एसेट अपकीप में लगातार ध्यान देना होगा। निवेशकों की नजर अब प्रोजेक्ट के शुरू होने, टाइमलाइन पर कंस्ट्रक्शन और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर रहेगी।

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