Q3 FY26: रेवेन्यू और मुनाफे में रिकॉर्ड उछाल
Captain Polyplast लिमिटेड के लिए यह तिमाही बेहद शानदार रही है। कंपनी ने न सिर्फ अपना रेवेन्यू बढ़ाया है, बल्कि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की कुल आय पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 40% बढ़कर ₹127 करोड़ हो गई। वहीं, EBITDA में 35% की वृद्धि के साथ यह ₹16.13 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट 41% बढ़कर ₹9.47 करोड़ तक पहुंच गया, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) ₹1.59 दर्ज की गई।
सोलर एनर्जी में बड़ा दांव, 50-50 का लक्ष्य
Captain Polyplast अपने माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम (MIS) बिजनेस में मजबूत पकड़ बनाए हुए है, जो फिलहाल कंपनी के रेवेन्यू का 90% हिस्सा है। लेकिन, कंपनी अब सोलर EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेगमेंट की ओर आक्रामक रुख अपना रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में MIS और सोलर बिजनेस के बीच 50-50 का बराबर बंटवारा करना है।
सरकारी योजनाओं और GST कटौती का फायदा
इस बड़े बदलाव के पीछे सरकार की योजनाएं और हालिया GST कटौती अहम भूमिका निभा रही हैं। कंपनी ने Q3 FY26 में सोलर पंप के लिए दो बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं, जिनकी कुल कीमत ₹35.86 करोड़ है और इसमें 1,300 यूनिट्स शामिल हैं। यह सब सरकार की PM KUSUM योजना के तहत संभव हो पा रहा है। कंपनी 'PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana' के तहत सोलर रूफटॉप्स के अवसरों पर भी नजर रखे हुए है, हालांकि कंपनी मानती है कि इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और कम मार्जिन हैं।
'Per Drop More Crop' पहल MIS सेगमेंट को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा, माइक्रो-इरिगेशन और सोलर प्रोडक्ट्स पर GST को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे दोनों सेगमेंट्स में मांग बढ़ने की उम्मीद है।
नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मार्जिन सुधार
अपने विस्तार, खासकर MIS में, के लिए Captain Polyplast ₹10 करोड़ का निवेश कर रही है। यह पैसा अहमदाबाद में एक नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने में खर्च होगा। यह प्लांट वाल्व और फिटिंग्स जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की क्षमता बढ़ाएगा और अगले एक से दो सालों में MIS के ऑपरेटिंग मार्जिन में 1.5% का सुधार लाने का अनुमान है। यह प्लांट FY28 तक पूरी क्षमता से चालू हो जाएगा।
आगे की राह और रिस्क
आगे का रास्ता सकारात्मक दिख रहा है, लेकिन सोलर रूफटॉप सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। वहीं, सोलर बिजनेस को तेजी से बढ़ाने में एग्जीक्यूशन रिस्क भी हैं। इसके बावजूद, सरकार की नीतियां और GST में कटौती कंपनी को भविष्य के लिए मजबूत स्थिति में लाती है।