Capacit'e Infraprojects: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Raymond की कंपनी से ₹537 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला

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AuthorAditya Rao|Published at:
Capacit'e Infraprojects: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Raymond की कंपनी से ₹537 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला
Overview

Capacit'e Infraprojects Limited को Raymond Limited की सब्सिडियरी TenX Realty Limited से ₹537 करोड़ (GST छोड़कर) का एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है। यह Thane में होने वाले कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के लिए है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा।

Capacit'e Infraprojects Limited ने Raymond Limited की रियल एस्टेट सब्सिडियरी TenX Realty Limited के साथ एक बड़े सौदे की घोषणा की है। कंपनी को Thane में टावर F, G, NTA और एक रिटेल बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन के लिए ₹537 करोड़ (GST को छोड़कर) का लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है।

यह कंस्ट्रक्शन सेक्टर में Capacit'e Infraprojects के लिए एक महत्वपूर्ण 'रिपीट ऑर्डर' है, जो बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सेगमेंट में उसकी मजबूत स्थिति को और पुख्ता करता है।

यह पहला मौका नहीं है जब TenX Realty ने Capacit'e Infraprojects पर भरोसा जताया है; इससे पहले अप्रैल 2025 में भी कंपनी ने ₹220 करोड़ का एक हाई-राइज प्रोजेक्ट इसी डेवलपर से हासिल किया था।

इस नए LOI से Capacit'e Infraprojects की ऑर्डर बुक में ₹537 करोड़ का इजाफा होगा, जिससे कंपनी की भविष्य की रेवेन्यू विजिबिलिटी (Revenue Visibility) में ज़बरदस्त सुधार होगा। आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी का स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक ₹13,188 करोड़ के आंकड़े पर था।

कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कुल इनकम ₹681 करोड़ रही, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) ₹50 करोड़ दर्ज किया गया था।

हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी के ऑडिटर ने पहले ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) और पुराने बकायों को लेकर करीब ₹1,156 लाख और ₹5,493 लाख की रिकवरी पर चिंताएं जताई थीं। इसके अलावा, मई 2024 में डायरेक्टर्स की नियुक्ति से जुड़े एक रेगुलेटरी नॉन-कंप्लायंस (Regulatory Non-compliance) के कारण कंपनी पर BSE और NSE द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में स्वाभाविक रूप से प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Project Execution) से जुड़े जोखिम, बाजार की प्रतिस्पर्धा और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बने रहते हैं।

आगे चलकर, निवेशकों को इस LOI का फाइनल वर्क ऑर्डर में कन्वर्जन, प्रोजेक्ट शुरू होने की समय-सीमा, कंपनी द्वारा हासिल किए जाने वाले अन्य नए ऑर्डर्स और मार्जिन रियलाइजेशन (Margin Realisation) पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।

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