Caliber Mining IPO: निवेशकों ने दिखाई ज़बरदस्त दिलचस्पी, IPO हुआ 28 गुना सब्सक्राइब!

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Caliber Mining IPO: निवेशकों ने दिखाई ज़बरदस्त दिलचस्पी, IPO हुआ 28 गुना सब्सक्राइब!

Caliber Mining and Logistics के ₹450 करोड़ के IPO में निवेशकों ने शानदार रुचि दिखाई है। बोली के आखिरी दिन तक, यह इश्यू **28 गुना** से ज़्यादा सब्सक्राइब हो गया। इस इश्यू में **₹400 करोड़** का फ्रेश शेयर सेल शामिल है, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज़ चुकाने के लिए करेगी। शेयर आवंटन **22 जुलाई** को फाइनल होगा और **24 जुलाई** को कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगी।

Detailed Coverage

IPO में निवेशकों का ज़बरदस्त उत्साह

Caliber Mining and Logistics के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में निवेशकों ने ज़बरदस्त दिलचस्पी दिखाई है। बोली के अंतिम दिन सुबह तक, इश्यू में उपलब्ध शेयरों की संख्या के मुकाबले 28 गुना से ज़्यादा बोली लग चुकी थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के अनुसार, निवेशकों ने लगभग 78 लाख शेयरों के मुकाबले 22 करोड़ से ज़्यादा शेयरों के लिए बिड किया है।

इस तेज़ी में नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) सबसे आगे रहे, जिन्होंने अपने लिए आरक्षित हिस्से का 88 गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब किया है, वहीं रिटेल निवेशकों ने 17 गुना से ज़्यादा का सब्सक्रिप्शन लिया है।

IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल और कर्ज़ का प्रोफाइल

Caliber Mining इस ऑफरिंग के ज़रिए कुल ₹450 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹400 करोड़ का फ्रेश इश्यू और मौजूदा प्रमोटर्स द्वारा ₹50 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। कंपनी की योजना इस पैसे का ₹175 करोड़ बकाया कर्ज़ चुकाने में इस्तेमाल करने की है। निवेशकों के लिए कर्ज़ कम करना एक अहम पहलू है, क्योंकि इससे कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज और वित्तीय सेहत सुधर सकती है। फ्रेश इश्यू से बचे ₹200 करोड़ का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए किया जाएगा, जिसमें नई मशीनरी खरीदना और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाना शामिल है।

एंकर बुक और मार्केट का भरोसा

पब्लिक सब्सक्रिप्शन खुलने से पहले, कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹135 करोड़ जुटाए थे। इनमें Quant Mutual Fund, Ashoka India Equity Investment Trust, और Abakkus Four2Eight Opportunities Fund जैसे बड़े नाम शामिल थे। इंस्टीट्यूशनल निवेशकों से मिला यह शुरुआती समर्थन कंपनी के बिजनेस मॉडल में भरोसे का संकेत माना जाता है। साल 2014 में स्थापित यह फर्म कोल एक्सट्रैक्शन (Coal Extraction) और लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाएं प्रदान करती है, जो मुख्य रूप से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोल इंडिया की सब्सिडियरी को अपनी सेवाएं देती है। सरकारी कोयला कंपनियों के सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर, कंपनी का विकास कोयला क्षेत्र के प्रोडक्शन टारगेट और कैपिटल स्पेंडिंग साइकिल्स से जुड़ा हुआ है।

लिस्टिंग और अगले कदम

₹402 से ₹424 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के साथ, कंपनी का वैल्यूएशन उसकी विस्तार योजनाओं को क्रियान्वित करने और माइनिंग सर्विस इंडस्ट्री से जुड़े जोखिमों को मैनेज करने की क्षमता पर आधारित है। जिन निवेशकों ने IPO के लिए बोली लगाई है, वे उम्मीद कर सकते हैं कि शेयर आवंटन की अंतिम प्रक्रिया 22 जुलाई को पूरी हो जाएगी। शेयर 24 जुलाई को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होने की उम्मीद है। भविष्य में, शेयरधारक कंपनी की नई मशीनरी को सफलतापूर्वक तैनात करने और ऐसे सेक्टर में अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखेंगे, जहाँ कॉन्ट्रैक्ट प्राइसिंग और कच्चे माल की लागत में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.