Cabinet Decision: आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम, कंटेनर और स्पोर्ट्स गुड्स के लिए ₹11,800 करोड़ का पैकेज मंजूर

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AuthorMehul Desai|Published at:
Cabinet Decision: आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम, कंटेनर और स्पोर्ट्स गुड्स के लिए ₹11,800 करोड़ का पैकेज मंजूर

Union Cabinet ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹11,800 करोड़ के बड़े पैकेज का ऐलान किया है। इस फंड से शिपिंग कंटेनर और स्पोर्ट्स इक्विपमेंट का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जाएगा, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।

भारत सरकार ने देश में इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। यूनियन कैबिनेट ने शिपिंग कंटेनर और स्पोर्ट्स इक्विपमेंट के घरेलू उत्पादन को गति देने के लिए कुल ₹11,800 करोड़ का इंसेंटिव पैकेज मंजूर किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में एक सेल्फ-रिलायंट सप्लाई चेन तैयार करना है।

कंटेनर प्रोडक्शन में बड़ा उछाल

इस योजना के तहत ₹10,000 करोड़ की राशि कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवंटित की गई है, जो 2040 तक खर्च की जाएगी। सरकार मैन्युफैक्चरर्स को इंटरेस्ट सब्सिडी, ऑपरेशनल कॉस्ट सपोर्ट और टेस्टिंग सर्टिफिकेशन जैसी सुविधाएं देगी। इसका लक्ष्य हर साल 7.5 लाख TEUs (Twenty-foot Equivalent Units) का प्रोडक्शन कैपेसिटी हासिल करना है।

Khelo India स्पोर्ट्स गुड्स स्कीम

खेल के क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार ने 'Khelo India Sports Goods Manufacturing Scheme' के तहत ₹1,856.67 करोड़ मंजूर किए हैं। 2026 से 2034 तक चलने वाली इस स्कीम में एकीकृत इंडस्ट्रियल जोन बनाए जाएंगे, जहां एक ही छत के नीचे टेस्टिंग, प्रोटोटाइपिंग और मैन्युफैक्चरिंग की सुविधा होगी।

निवेशकों के लिए संकेत

इस फैसले का असर स्टील और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ना तय है। स्पेशलाइज्ड स्टील की बढ़ती मांग से इन सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिल सकता है। Balmer Lawrie & Company और Container Corporation of India जैसी कंपनियां सीधे तौर पर रडार पर रहेंगी। हालांकि, निवेशकों को कच्चे माल यानी स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल कंपीटिशन जैसे रिस्क पर भी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.