मैसूर प्लांट से CWD Limited की नई उड़ान
CWD Limited ने 1 जनवरी 2026 से कर्नाटक के मैसूर में अपने बिल्कुल नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को पूरी तरह से ऑपरेशनल कर दिया है। यह कदम कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने और अपनी कुल ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करने की योजना का एक अहम हिस्सा है। यह विस्तार कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है, जिसका लक्ष्य बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
निवेश और क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी
इस नए मैसूर प्लांट में ₹30 करोड़ तक का निवेश किया गया है। कंपनी ने इस विस्तार के लिए इक्विटी, लोन और अपने इंटरनल एक्रुअल्स (आंतरिक मुनाफे) का इस्तेमाल किया है। इस निवेश का असर कंपनी के रेवेन्यू पर साफ दिख रहा है; फाइनेंशियल ईयर 26 के पहले नौ महीनों (9M FY26) में कंपनी ने लगभग ₹81 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पूरे फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के ₹33 करोड़ के रेवेन्यू से कहीं ज्यादा है।
यह प्लांट कंपनी की क्षमता को 3.7 गुना बढ़ा देगा, जिसमें हर दिन 15,000 साउंड बॉक्स यूनिट्स का उत्पादन करने की क्षमता है। प्लांट पूरी तरह से सोलर एनर्जी पर चलेगा, जो कंपनी के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के अनुरूप है।
भविष्य की रणनीति और उम्मीदें
CWD Limited का मैनेजमेंट फाइनेंशियल ईयर 26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में तीसरी तिमाही (Q3 FY26) से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है। यह उम्मीद मार्जिन में आक्रामक बढ़ोतरी और ऑपरेशनल गति को बनाए रखने पर आधारित है। विस्तार का मकसद मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना, ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार करना, क्वालिटी को मजबूत करना और बढ़ते कस्टमर बेस की जरूरतों को पूरा करना है। कंपनी के पास ₹200 करोड़ से अधिक का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो अगले 12 से 18 महीनों के लिए सेल्स की विजिबिलिटी सुनिश्चित करता है।
प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले CWD Limited
CWD Limited इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर में है, जो भारत में 'मेक इन इंडिया' और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं के कारण तेजी से बढ़ रहा है। Dixon Technologies और Amber Enterprises India जैसे इसके प्रतिस्पर्धी भी अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। भले ही CWD Limited एक छोटी कंपनी है, लेकिन इसकी तेज क्षमता विस्तार और रेवेन्यू में हुई भारी वृद्धि (FY25 में ₹33 करोड़ से 9M FY26 में ₹81 करोड़) इसकी आक्रामक स्केलिंग रणनीति को दर्शाती है। सोलर पावर का उपयोग कंपनी को इंडस्ट्री के सस्टेनेबिलिटी ट्रेंड्स के साथ भी जोड़ता है।