लेनदारों की अहम बैठक आज
CMI Limited के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी, जो कि कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत चल रही है, ने 20 फरवरी 2026 को अपनी 41वीं कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित की है। यह बैठक, इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया का एक नियमित हिस्सा है, जो कंपनी के गंभीर वित्तीय संकट की ओर इशारा करती है और यह तय करेगी कि कंपनी का भविष्य क्या होगा।
कंपनी का 'काला सच': खराब फाइनेंशियल हेल्थ
CMI Limited, जो विभिन्न प्रकार के केबल बनाती है, की माली हालत बेहद नाज़ुक है। पिछले तीन सालों में कंपनी के रेवेन्यू में -5.34% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव रहा है और देनदारों को चुकाने में काफी वक्त लग रहा है (high debtor days)। पिछले तीन सालों का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 0% रहा है, जबकि रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) -14.69% था। पिछले पांच सालों में EBITDA मार्जिन भी -46.72% रहा है, जो कि बेहद चिंताजनक स्थिति है। मार्च 2025 तक कंपनी पर ₹381 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) चढ़ चुका था। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कंपनी अंदरूनी तौर पर काफी कमज़ोर हो चुकी थी।
कैसे पहुंची इस मुकाम पर?
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), दिल्ली बेंच ने 28 जुलाई 2023 को CMI Limited को CIRP में स्वीकार किया था। यह फैसला कैनरा बैंक के आवेदन के बाद आया था, जिसने कंपनी पर ₹164.86 करोड़ के डिफॉल्ट का आरोप लगाया था। CIRP शुरू होने के साथ ही, CMI Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अधिकार निलंबित कर दिए गए और कंपनी के मामलों को संभालने के लिए एक इंटरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) की नियुक्ति की गई। तब से, कंपनी का नियंत्रण उसके प्रबंधन से निकलकर लेनदारों के हाथों में आ गया है।
भविष्य की राह: लिक्विडेशन का खतरा?
CMI Limited के सामने सबसे बड़ा जोखिम वर्तमान इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया और उसके संभावित नतीजों का है। यदि कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) कोई व्यवहार्य समाधान योजना (resolution plan) पर सहमत नहीं हो पाती है, तो कंपनी के लिक्विडेशन (परिसमापन) की पूरी संभावना है। लिक्विडेशन की स्थिति में, कंपनी की संपत्तियों को बेचकर लेनदारों का भुगतान किया जाएगा, जिससे शेयरधारकों को बड़ा नुकसान होने की उम्मीद है। इस समय, कंपनी के लिए कोई भी सकारात्मक आउटलुक (outlook) नहीं है; इसका पूरा भविष्य CoC के फैसलों और किसी भी प्रस्तावित पुनरुद्धार रणनीति की व्यावहारिकता पर निर्भर करता है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
CMI Limited केबल मैन्युफैक्चरिंग के प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में काम करती है, जहां Ultracab, RTS Power Corp, Cords Cable Industries और Birla Cable जैसी कंपनियां प्रमुख हैं। हालांकि, CMI की वर्तमान वित्तीय स्थिति इन प्रतिद्वंद्वियों से कोसों दूर है। CMI का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (market capitalization) महज़ ₹8 करोड़ है, जबकि इसके प्रतिस्पर्धियों का औसत मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹409 करोड़ है। यह दिखाता है कि CMI अपने उद्योग के दिग्गजों की तुलना में काफी छोटी और वित्तीय रूप से कमज़ोर है। वहीं, इसके प्रतिस्पर्धी मज़बूत वित्तीय स्थिति में हैं और बाज़ार के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं, जबकि CMI अपनी जान बचाने के लिए इन्सॉल्वेंसी की कार्यवाही में उलझी हुई है।