📉 नतीजों का पूरा हिसाब-किताब
CHL Limited के बोर्ड ने 9 फरवरी 2026 को नौ महीने (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) और तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी। कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Standalone Revenue from Operations) Q3 FY26 में ₹2,771.84 लाख और नौ महीनों में ₹6,769.96 लाख रहे। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) Q3 FY26 में ₹4,091.90 लाख दर्ज किया गया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नौ महीनों के दौरान कंपनी को ₹1,340.96 लाख का भारी कंसोलिडेटेड लॉस बिफोर टैक्स (Consolidated Loss Before Tax) हुआ। हालांकि, स्टैंडअलोन बेसिस पर Q3 FY26 में ₹1,142.11 लाख और नौ महीनों में ₹1,240.81 लाख का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) दर्ज हुआ।
🚩 ऑडिटर की दो बड़ी चिंताएं
D G A & Co. के इंडिपेंडेंट ऑडिटर की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट (Independent Auditor's Limited Review Report) में दो ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। पहला, सब्सिडियरी (Subsidiary) CHL International द्वारा EXIM Bank से लिए गए लोन को लेकर चल रहा लिटिगेशन (Litigation)। CHL Limited इस लोन के लिए गारंटर (Guarantor) है। रिपोर्ट के अनुसार, 34 मिलियन अमेरिकी डॉलर के वन टाइम सेटलमेंट (One Time Settlement - OTS) को लागू करने के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (Debt Recovery Tribunals) में कई कानूनी मामले अभी भी जारी हैं।
दूसरा, कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के आदेश के बाद विवादित प्रॉपर्टी टैक्स के लिए ₹1,062.16 लाख का एकमुश्त भुगतान किया है। इस बड़े खर्च को चालू अवधि के प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट (Profit and Loss Statement) में चार्ज किया गया है, जिसने कंपनी की मौजूदा मुनाफेबाजी को प्रभावित किया है। यह एक ऐसा आइटम है जो पिछले वर्षों के नतीजों में शामिल नहीं था।
🎯 जोखिम और आगे का रास्ता
CHL Limited के लिए सबसे बड़े जोखिम EXIM Bank लिटिगेशन से जुड़े हैं, जिसमें बड़ी कंटिंजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) शामिल हैं। प्रॉपर्टी टैक्स के लिए किया गया एकमुश्त भारी भुगतान भी इस अवधि के नतीजों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है। कंपनी की ओर से भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कोई फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस (Forward-looking Guidance) या मैनेजमेंट आउटलुक (Management Outlook) नहीं दिया गया है, जिससे बाजार को आगे की राह साफ नहीं दिख रही है। निवेशकों को EXIM Bank OTS के कार्यान्वयन की प्रगति और लंबित कानूनी मामलों के किसी भी नए घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखनी होगी। नौ महीनों के दौरान हुआ कंसोलिडेटेड घाटा एक बड़ी चिंता का विषय है, जिसके लिए परिचालन दक्षता (Operational Efficiencies) और सब्सिडियरी के प्रदर्शन की गहन जांच की आवश्यकता है।