CG Power: शानदार नतीजे, पर वैल्यूएशन की चिंता!
CG Power and Industrial Solutions ने हाल ही में अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिट में दमदार ग्रोथ दर्ज की है। लेकिन, शेयर का वैल्यूएशन (Valuation) काफी महंगा हो गया है, जिससे निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह ग्रोथ टिकाऊ है?
कैसे रहा कंपनी का प्रदर्शन?
कंपनी का प्रदर्शन वाकई उत्साहजनक रहा। FY26 की चौथी तिमाही में CG Power का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल 25% बढ़कर ₹3,441.76 करोड़ के पार पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) में 34% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹365.49 करोड़ रहा। इस ग्रोथ की मुख्य वजह पावर सिस्टम्स डिविजन में शानदार परफॉरमेंस रही, जिसने अपने आप में 50% की रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की। इतना ही नहीं, कंपनी का ऑर्डर बुक भी 61% बढ़कर ₹17,107 करोड़ तक पहुंच गया है, जो आने वाले समय में कमाई की अच्छी तस्वीर दिखाता है।
'महंगा' शेयर और 'नेगेटिव' कैश फ्लो की चिंता
लेकिन, इन शानदार आंकड़ों के साथ एक बड़ी चिंता भी जुड़ी है - शेयर का बहुत ऊंचा वैल्यूएशन। CG Power का स्टॉक पिछले 12 महीनों के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो के हिसाब से 115 गुना से भी ज्यादा पर ट्रेड कर रहा है। यह अपने ऐतिहासिक स्तरों और इंडस्ट्री के अन्य बड़े खिलाड़ियों जैसे ABB India (लगभग 93x) और Siemens India (लगभग 67-94x) से काफी ज्यादा है। इससे लगता है कि बाजार ने कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को पहले ही शेयर की कीमत में शामिल कर लिया है।
खास बात यह है कि कंपनी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) कर रही है। इस वजह से, कंपनी का फ्री कैश फ्लो (FCF) नेगेटिव हो गया है, जो FY26 में ₹72.4 करोड़ रहा। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी ग्रोथ के लिए जितना पैसा निवेश कर रही है, वह अपने ऑपरेशन्स से उतनी कमाई नहीं कर पा रही है।
बाजार के ट्रेंड्स और ब्रोकरेज की राय
भारतीय इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट मार्केट में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें 2025 से 2030 तक 14.3% से 15.9% की CAGR देखी जा सकती है। CG Power इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी पोजीशन में है। Motilal Oswal, Nomura, Emkay Global, और Nuvama जैसे ब्रोकरेज हाउसेस ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹875 से ₹955 के बीच रखे हैं। वे कंपनी की मजबूत प्राइसिंग पावर और ट्रांसफार्मर कैपेसिटी में हो रहे विस्तार को अहम मान रहे हैं।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। इंडस्ट्रियल सिस्टम्स सेगमेंट में प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा, खासकर रेलवे बिजनेस में। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर (OSAT) वर्टिकल में चल रहे भारी निवेश से फिलहाल प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है, जिससे तिमाही मार्जिन करीब 110 बेसिस पॉइंट्स तक कम हो गया। ब्रोकरेज उम्मीद कर रहे हैं कि FY28 के बाद OSAT से अच्छी कमाई शुरू होगी, लेकिन तब तक निवेशकों को धैर्य रखना होगा। Jefferies ने ऊंचे वैल्यूएशन के कारण 'Hold' रेटिंग दी है, जबकि Axis Capital ने 'Add' रेटिंग बरकरार रखी है।
आगे क्या? ग्रोथ की रफ्तार या वैल्यूएशन का बैलेंस
CG Power आगे भी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने की योजना बना रही है। उम्मीद है कि FY28 से OSAT बिजनेस के परिपक्व होने और पावर सिस्टम्स सेगमेंट में मजबूत प्राइसिंग पावर के दम पर मार्जिन में सुधार होगा। कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक रेवेन्यू ग्रोथ के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है।
लेकिन, सबसे अहम सवाल यही रहेगा कि क्या कंपनी अपनी वर्तमान ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रख पाएगी और भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर को लगातार पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो में बदल पाएगी? निवेशकों को कंपनी के एग्जीक्यूशन में एफिशिएंसी, सेमीकंडक्टर वेंचर की प्रॉफिटेबिलिटी का टाइमलाइन, और सबसे बढ़कर, शेयर के ऊंचे वैल्यूएशन पर पैनी नजर रखनी होगी।
