पावर सिस्टम्स और विस्तार से मिली रफ्तार
Motilal Oswal के इस टारगेट को बढ़ाने के पीछे कंपनी के पावर सिस्टम्स सेगमेंट का शानदार प्रदर्शन और जबरदस्त विस्तार योजनाएं हैं। कंपनी के पावर सिस्टम्स डिवीजन ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ईयर-ऑन-ईयर रेवेन्यू में 46% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जबकि PBIT में 68% का तगड़ा उछाल आया है। इससे कंपनी के मार्जिन 21.9% तक पहुंच गए हैं, जो मैनेजमेंट की कुशल एग्जीक्यूशन को दर्शाता है।
ट्रांसफार्मर कैपेसिटी में बड़ा विस्तार
CG Power ट्रांसफार्मर कैपेसिटी का भी बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य कैलेंडर ईयर 2026 के अंत तक अपनी कैपेसिटी को बढ़ाकर 1,10,000 MVA तक ले जाना है, जो एक साल पहले करीब 65,000 MVA थी। यह विस्तार भविष्य की डिमांड को पूरा करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
मजबूत ऑर्डर बुक से मिलेगी विजिबिलिटी
कंपनी का ऑर्डर बुक भी काफी मजबूत है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंसॉलिडेटेड इनफ्लो (inflows) ₹19,600 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 34% ज्यादा है। वहीं, ₹17,100 करोड़ का अनएग्जीक्यूटेड बैकलॉग (unexecuted backlog) है, जो 61% बढ़ा है। इससे आने वाले समय में रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी बनी हुई है।
OSAT बिजनेस पर अभी भी दबाव
हालांकि, कंपनी का सेमीकंडक्टर (OSAT) बिजनेस अभी भी कंसॉलिडेटेड मार्जिन पर दबाव बना रहा है। उम्मीद है कि FY28 से इस सेगमेंट के नुकसान कम होने लगेंगे। कैपेसिटी विस्तार का दूसरा फेज 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, और FY28 तक EBITDA ब्रेकइवन (breakeven) की संभावना है। Renesas Electronics के साथ यह वेंचर (venture) बड़ा निवेश मांगता है और इसमें एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) भी हैं।
हाई वैल्यूएशन बनी चिंता का कारण
CG Power की वैल्यूएशन (valuation) अभी काफी ज्यादा है। मई 2026 की शुरुआत तक, इसका ट्रेलिंग बारह महीने का P/E रेश्यो (P/E ratio) लगभग 100-115 गुना है। यह इसके अपने ऐतिहासिक औसत और सीधे कॉम्पिटीटर्स (competitors) की तुलना में काफी ज्यादा है। उदाहरण के लिए, ABB India का P/E करीब 93 गुना, Siemens India का 67-94 गुना है, जबकि Suzlon Energy जैसे पीयर्स (peers) का P/E सिर्फ 24 गुना है। इतना हाई मल्टीपल (multiple) बताता है कि मार्केट ने पहले ही बड़े ग्रोथ और परफेक्ट ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन को प्राइस में शामिल कर लिया है, जिससे गलती की गुंजाइश कम रह जाती है।
मैक्रो इकोनॉमिक्स का मिलेगा सपोर्ट
भारत का पावर और यूटिलिटी सेक्टर एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन (transformation) के दौर से गुजर रहा है। तेजी से बढ़ती डिमांड, रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) के लक्ष्य और इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण CG Power के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान (National Electricity Plan) के तहत 2032 तक ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब ₹9 लाख करोड़ के निवेश का अनुमान है। साथ ही, भारतीय इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट मार्केट में 2025 से 2030 के बीच 14.3% से 15.9% की सालाना कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रहने की उम्मीद है।
मुख्य जोखिम और निवेशक ध्यान दें
हालांकि ब्रोकरेज हाउस 'Buy' रेटिंग और ₹745 से ₹955 तक के टारगेट दे रहे हैं, लेकिन कुछ बड़े जोखिम भी हैं। सबसे बड़ा रिस्क इसकी अत्यधिक हाई वैल्यूएशन है, जो कंपनी पर अपने विस्तार योजनाओं को बखूबी लागू करने और OSAT सेगमेंट में मुनाफा कमाने का भारी दबाव डालती है। सेमीकंडक्टर वेंचर (venture) अभी भी मार्जिन कम कर रहा है और सप्लाई चेन में भी दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा, कैपेसिटी एक्सपेंशन (capacity expansion) में एग्जीक्यूशन और इंटीग्रेशन (integration) के रिस्क हैं, जिससे लागत बढ़ सकती है या देरी हो सकती है। निवेशकों को वर्किंग कैपिटल डेज (working capital days) और भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) के कारण नेगेटिव फ्री कैश फ्लो (free cash flow) पर भी नजर रखनी चाहिए।
