Q4FY26 के नतीजों ने मचाया धमाल
कंपनी के FY26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों ने बाज़ार को चौंका दिया है। CG Power and Industrial Solutions का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 22% बढ़कर ₹3,129 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA में 41% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह ₹573 करोड़ पर पहुंच गया। मार्जिन सुधरकर 18.3% पर आ गए। नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 49% की उछाल देखी गई और यह ₹412 करोड़ दर्ज किया गया।
ऑर्डर बुक में 59% का इजाफा
इसके अलावा, कंपनी का ऑर्डर बैक लॉग 59% बढ़कर ₹15,719 करोड़ पर पहुंच गया है, जो आने वाले सालों के लिए अच्छी ग्रोथ की उम्मीद जगाता है। पावर सिस्टम्स सेगमेंट में 50% की ग्रोथ ने इसमें बड़ा योगदान दिया, हालांकि इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में मार्जिन पर थोड़ा दबाव रहा।
वैल्यूएशन के पुराने रिकॉर्ड टूटे
इन शानदार आंकड़ों के चलते CG Power का शेयर आज 4% चढ़कर ₹864.65 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। कंपनी का मार्केट कैप अब करीब ₹1.30 ट्रिलियन हो गया है। लेकिन, कंपनी का P/E रेशियो 100x के पार निकल गया है, जो इसके प्रतिस्पर्धियों KEC International (लगभग 22x P/E) और ABB India (78x-93x P/E) की तुलना में काफी ज़्यादा है।
मजबूत फाइनेंशियल्स दे रहे सहारा
हालांकि, CG Power की यह महंगी वैल्यूएशन कुछ हद तक उसकी मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ से जस्टिफाई होती है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 85.95% है, जो ABB India (22.38%) और KEC International (12.11%) से कहीं ज़्यादा है। साथ ही, कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त (Debt-free) है, जिसका नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.01 से भी कम है। यह वित्तीय मजबूती और बेहतर रिटर्न इसके हाई मल्टीपल्स को सपोर्ट करते हैं।
इंडस्ट्री के सकारात्मक रुझान
कंपनी को इंडस्ट्री के बढ़ते रुझानों का भी फायदा मिल रहा है। रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy), डेटा सेंटर्स और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती इंवेस्टमेंट से पावर सिस्टम्स की डिमांड बढ़ रही है। भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर अरबों की फॉरेन इंवेस्टमेंट आकर्षित करने की उम्मीद है, और डेटा सेंटर मार्केट 2030 तक दोगुना होने वाला है, जिसके लिए मजबूत पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत होगी। भारतीय इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट मार्केट में भी सालाना 15% से ज़्यादा की ग्रोथ का अनुमान है।
वैल्यूएशन और ऑपरेशनल रिस्क
लेकिन, इस तूफानी तेजी में कुछ चिंताएं भी हैं। सबसे बड़ा रिस्क इसकी अत्यधिक हाई वैल्यूएशन है। 100x से ऊपर का P/E रेशियो यह दिखाता है कि बाज़ार कंपनी से परफेक्ट एग्जीक्यूशन और बहुत ज़्यादा ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, जिससे किसी भी छोटी चूक की गुंजाइश कम हो जाती है। इंडस्ट्रियल सिस्टम्स डिवीजन में मार्जिन पर दबाव और नए OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) बिज़नेस में फिलहाल हो रहे नुकसान भी चिंता का विषय हैं। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि FY28 से OSAT बिज़नेस में सुधार होगा, जो 2026 के अंत तक कैपेसिटी एक्सपेंशन के दूसरे फेज पर निर्भर करेगा। इस एक्सपेंशन में किसी भी देरी या लागत बढ़ने से कंपनी के नतीजों पर असर पड़ सकता है।
एनालिस्ट्स की राय
Analyst Views की बात करें तो Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹940 का टारगेट प्राइस दिया है, जो करीब 9% के और अपसाइड का संकेत देता है। India Ratings and Research का भी मानना है कि कंपनी डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखेगी। हालांकि, लंबी अवधि में कंपनी का भविष्य उसकी हाई वैल्यूएशन को मैनेज करने, इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में मार्जिन दबाव को दूर करने और OSAT बिज़नेस को प्रॉफिटेबल बनाने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
