CG Power and Industrial Solutions ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **23%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो ₹1,196.73 करोड़ पर पहुंच गया है। यह शानदार प्रदर्शन रेवेन्यू में **25.32%** की उछाल से भी समर्थित है।
FY26 में CG Power का दमदार प्रदर्शन
CG Power and Industrial Solutions ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹12,417.95 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹9,908.66 करोड़ की तुलना में 25.32% ज़्यादा है।
कंपनी के नेट प्रॉफिट में भी लगातार वृद्धि देखी गई है। इस फाइनेंशियल ईयर में नेट प्रॉफिट 23.00% बढ़कर ₹1,196.73 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹972.98 करोड़ था। कमाई में इस बढ़ोतरी का असर कंपनी के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी दिखा, जो पिछले साल के ₹6.38 से बढ़कर ₹7.72 हो गया है।
निवेशकों के लिए राहत: कंपनी है पूरी तरह से कर्ज-मुक्त
निवेशकों के लिए सबसे खास बात यह है कि कंपनी की बैलेंस शीट पूरी तरह से मजबूत है। मार्च 2026 तक कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है, यानी डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.00 है। औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियां जो अक्सर बड़े कर्जों के बोझ तले दबी रहती हैं, उनके मुकाबले CG Power की यह वित्तीय मजबूती इसे काफी अलग बनाती है।
जून तिमाही के नतीजों में हल्की नरमी
हालांकि, सालाना नतीजों में भले ही ज़बरदस्त उछाल दिखा हो, लेकिन जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के नतीजों में थोड़ी नरमी देखी गई। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹3,280.81 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹308.28 करोड़ रहा। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर की मार्च 2026 तिमाही के ₹3,441.76 करोड़ के रेवेन्यू और ₹363.46 करोड़ के प्रॉफिट से कम है। जून 2026 तिमाही के लिए ईपीएस (EPS) ₹1.99 रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹2.31 था। औद्योगिक क्षेत्र में तिमाही नतीजों में उतार-चढ़ाव अक्सर प्रोजेक्ट पूरे होने और ऑर्डर मिलने के समय पर निर्भर करता है।
शेयरधारकों को तोहफे और भविष्य की राह
वित्तीय प्रदर्शन के अलावा, कंपनी अपने शेयरधारकों को भी तोहफे दे रही है। हाल ही में, कंपनी ने अपने ESOP Plan 2021 के तहत 2,18,150 इक्विटी शेयर आवंटित करने को मंज़ूरी दी। साथ ही, कंपनी ने 2026 की शुरुआत में ₹1.30 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया था।
निवेशक अब कंपनी के ऑर्डर बुक एक्ज़ीक्यूशन (Order Book Execution) और बढ़ती महंगाई के बीच मुनाफे को बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखेंगे। यह देखना भी अहम होगा कि कंपनी अपने कर्ज-मुक्त स्थिति का इस्तेमाल भविष्य में विस्तार या नई टेक्नोलॉजी में निवेश के लिए कैसे करती है, जो कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को तय करेगा।
