बजट का मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता पर जोर
Union Budget 2026, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और 'आत्मनिर्भरता' पर ज़बरदस्त फोकस के साथ, Mahindra Group जैसी बड़ी कंपनियों की ग्रोथ को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। CEO Anish Shah ने इस बात पर जोर दिया है कि कैसे बजट के रणनीतिक प्रावधान सीधे तौर पर देश के लक्ष्यों से मेल खाते हैं, जिससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा और घरेलू वैल्यू क्रिएशन पर केंद्रित कंपनियों के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है।
'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग का GDP में 25% योगदान अहम है। बजट में प्रस्तावित रेयर अर्थ कॉरिडोर (rare earth corridors) और रणनीतिक सेक्टर्स के लिए नई स्कीम्स, बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने की सरकार की मंशा को साफ दिखाती हैं। इसके अलावा, MSMEs के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड छोटे और मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के इरादे को और मज़बूत करता है। पूरे फिस्कल स्ट्रैटेजी में FY2026-27 के लिए पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (public capital expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में लगातार निवेश का संकेत है।
सेक्टर वाइज फायदा और Mahindra की रणनीति
Mahindra Group के ऑटोमोटिव, हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे विविध बिज़नेस, बजट के प्रमुख प्रावधानों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। ऑटो सेक्टर, जहाँ XUV7XO और XEV 9S जैसे नए मॉडलों की ज़बरदस्त डिमांड है, उसे डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली नीतियों से फायदा होने की उम्मीद है। लॉजिस्टिक्स सेक्टर, जो मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड के लिए बेहद ज़रूरी है, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और पॉलिसी की स्थिरता के दम पर आगे बढ़ेगा, जिसकी रेवेन्यू ग्रोथ FY2026 में 6-9% रहने का अनुमान है। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री भी FY2026 में ग्रोथ सामान्य होने की उम्मीद कर रही है, और बजट के उपाय कनेक्टिविटी, स्किलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करके इसे और बढ़ावा देंगे। 'आत्मनिर्भरता' पर बजट का ज़ोर Mahindra की 'मेड इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' (Make in India for the world) स्ट्रैटेजी को सीधे सपोर्ट करता है।
'विकसित भारत' विजन और आगे का रास्ता
'विकसित भारत @ 2047' विजन, जिसका लक्ष्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है, बजट की पॉलिसी फ्रेमवर्क में साफ दिखाई देता है। मैन्युफैक्चरिंग से GDP में 25% का योगदान और GDP ग्रोथ के अनुमान, मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में बड़ी वृद्धि की ज़रूरत पर ज़ोर देते हैं। यह लंबी अवधि का विजन एक स्थिर पॉलिसी माहौल देता है, जो एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, स्वदेशी टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट प्रमोशन में निवेश को प्रोत्साहित करता है। 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत घरेलू वैल्यू चेन को मज़बूत करना और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना एक मुख्य लक्ष्य है।
इंडस्ट्री बॉडीज और कॉर्पोरेट लीडर्स Union Budget 2026 को लगातार आर्थिक विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर से कंपनियों की ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और नए ग्रोथ अवसर खुलेंगे। जनवरी 2026 के अंत तक, Mahindra & Mahindra का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹4.18 ट्रिलियन था और TTM P/E रेशियो करीब 29.1 था, जो इसके ग्रोथ की संभावनाओं में निवेशकों का भरोसा दिखाता है। जनवरी 2026 में कंपनी की बिक्री में आई तेज़ी भी मजबूत डिमांड की ओर इशारा करती है, जिससे यह उम्मीद की जा सकती है कि बजट की नीतियाँ Mahindra को अपने डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो और 'मेड इन इंडिया' स्ट्रैटेजी का फायदा उठाने में मदद करेंगी।