Q3 FY25-26 में Brahmaputra Infra का दमदार प्रदर्शन
Brahmaputra Infrastructure Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में अपने वित्तीय प्रदर्शन में एक असाधारण सुधार दिखाया है। कंपनी के नतीजों के मुताबिक, परिचालन से कुल आय (Total Income from Operations) पिछले साल की इसी अवधि के ₹32.44 करोड़ से बढ़कर ₹92.55 करोड़ हो गई, जो 185.30% की जबरदस्त वृद्धि है।
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने कमाल किया है। EBITDA में पिछले साल के मुकाबले 382.80% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹21.58 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे EBITDA मार्जिन 13.78% से सुधरकर 23.46% हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात Profit After Tax (PAT) में देखी गई, जो पिछले साल के ₹0.31 करोड़ से बढ़कर ₹15.13 करोड़ पर पहुंच गया। यह 4780.65% का भारी उछाल है। नतीजतन, PAT मार्जिन 0.96% से बढ़कर 16.11% पर आ गए और Earnings Per Share (EPS) ₹0.11 से बढ़कर ₹5.21 हो गया।
पहले नौ महीनों (Nine Months) के प्रदर्शन में भी यही मजबूत रुझान देखने को मिला, जहां कुल आय 91.26% बढ़कर ₹275.46 करोड़ रही और PAT 484.85% बढ़कर ₹44.80 करोड़ हो गया।
परिचालन क्षमता और नए ऑर्डर्स
आंकड़ों में सुधार के साथ-साथ कंपनी की परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) में भी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) ₹263.54 करोड़ से बढ़कर ₹315.40 करोड़ हो गई। साथ ही, Net Working Capital Days में भारी कमी आई है, जो 225 दिनों से घटकर 116 दिन रह गए हैं, यह इन्वेंट्री और देनदारियों के बेहतर प्रबंधन का संकेत है।
Brahmaputra Infrastructure को पिछले दो महीनों में लगभग ₹300 करोड़ के नए ऑर्डर्स भी मिले हैं। कंपनी के पास वर्तमान में ₹1,050 करोड़ का कुल ऑर्डर बुक है और ₹2,000 करोड़ के बिड्स विचाराधीन हैं। इसके अलावा, कंपनी को ₹68.91 करोड़ का एक Letter of Award (LoA) भी मिला है।
चिंताजनक पहलू और जोखिम (Red Flags)
इन शानदार नतीजों और मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद, निवेशकों को कुछ गंभीर चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। सबसे बड़ी चिंता प्रमोटरों द्वारा 100% शेयर गिरवी (Promoter Pledge) रखना है, जो पहले की तरह ही बना हुआ है। यह स्थिति वित्तीय दबाव का संकेत दे सकती है। इसके अलावा, कंपनी पर कर्ज का भारी बोझ (High Debt Level) भी है, जिसके कारण ब्याज भुगतान (Interest Expenses) में पहले नौ महीनों में 72.09% की वृद्धि देखी गई है।
पिछले तीन सालों में कंपनी का Return on Equity (ROE) 9.26% रहा है, जो हालिया मुनाफे से सुधर रहा है लेकिन पहले की अक्षमताओं को दर्शाता है। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि कंपनी ने अपने नए स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) के तौर पर ANSK & ASSOCIATES को नियुक्त किया है। साथ ही, 2025 की शुरुआत में Brahmaputra Infrastructure Limited और BSE Limited से जुड़ा एक सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) केस भी सक्रिय था।
आगे की राह
कंपनी का वर्तमान प्रदर्शन भले ही दमदार हो, लेकिन निवेशकों को इसके कर्ज के स्तर और प्रमोटर प्लेज जैसी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए। कंपनी की भविष्य की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इन जोखिमों को कैसे प्रबंधित करती है और अपनी ग्रोथ को कैसे बनाए रखती है।