Bounce Infinity को मिले ₹36 करोड़! Gig Economy की बदलेगी सूरत, EV बेड़े का होगा विस्तार

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bounce Infinity को मिले ₹36 करोड़! Gig Economy की बदलेगी सूरत, EV बेड़े का होगा विस्तार
Overview

Bounce Infinity ने एक बड़े फंडिंग राउंड में **₹36 करोड़** की राशि जुटाई है। Accel और B Capital जैसे निवेशकों से मिले इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) रेंटल सर्विस को Gig Economy के लिए और मजबूत करने में करेगी। इससे लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए EV इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Bounce Infinity ने ₹36 करोड़ की सीरीज़ F फंडिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, जिसमें Accel और B Capital जैसे प्रमुख निवेशकों का लगातार भरोसा देखने को मिला है। इस मोटी रकम का इस्तेमाल कंपनी भारत की Gig Economy के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा प्लेयर बनने की अपनी राह को तेज़ करने के लिए करेगी।

यह फंड कंपनी के B2B इलेक्ट्रिक व्हीकल रेंटल प्लेटफॉर्म को बढ़ाने और अपने बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) मॉडल को बेहतर बनाने पर खर्च होगा। यह मॉडल गिग वर्कर्स को ₹1 प्रति किलोमीटर की दर से स्कूटर किराए पर उपलब्ध कराता है। इससे लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए सस्टेनेबल और किफायती समाधानों की बढ़ती मांग पूरी होगी। अनुमान है कि भारत में इलेक्ट्रिक लास्ट-माइल डिलीवरी वाहनों का बाजार $3.1 बिलियन (2024) से बढ़कर $22.3 बिलियन (2033) तक पहुंच जाएगा, जो सालाना 24.8% की दर से बढ़ रहा है।

भारत का लास्ट-माइल डिलीवरी मार्केट काफी कॉम्पिटिटिव है, जिसमें Delhivery, Ecom Express, और Xpressbees जैसी बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनियां शामिल हैं, जिनमें से कई EV अपना रही हैं। Bounce Infinity, Ola Electric और Ather Energy जैसे EV मेकर्स से भी मुकाबला करती है। हालांकि, Bounce Infinity B2B रेंटल इकोसिस्टम और अपने BaaS मॉडल पर फोकस करके अलग पहचान बनाती है, जो सीधे वाहन बेचने के बजाय गिग वर्कर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और अफोर्डेबिलिटी पर ज़ोर देता है। कंपनी ने एक साल से भी कम समय में अपने ऑपरेशन्स को 25 गुना बढ़ाया है, जो इस खास मार्केट में मजबूत प्रगति को दर्शाता है।

Bounce की शुरुआत 2014 में एक सामान्य बाइक रेंटल सर्विस के तौर पर हुई थी। 2021 में EV स्टार्टअप 22Motors को लगभग $5 मिलियन में अधिग्रहित कर कंपनी ने इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रोडक्शन में कदम रखा, जिससे यह एक ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) बन गई।

Accel और B Capital जैसे निवेशकों का यह नया फंड Bounce Infinity की बिजनेस स्ट्रैटेजी में उनके विश्वास को दर्शाता है। Bounce ने Sun Mobility के साथ $45 मिलियन का एक समझौता भी किया है, जिसके तहत 30,000 स्कूटर तैनात किए जाएंगे। Swiggy के साथ साझेदारी डिलीवरी ड्राइवर्स के लिए भी कंपनी के फोकस को पक्का करती है।

इस फंड जुटाने और मार्केट ग्रोथ के बावजूद, Bounce Infinity को कड़े कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय EV मार्केट में कई निवेशक आ रहे हैं, जिससे EV मेकर्स और लॉजिस्टिक्स फर्मों से प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। गिग इकोनॉमी पर कंपनी की निर्भरता डिलीवरी की मांग, वर्कर्स की उपलब्धता और नए लेबर नियमों में बदलावों के प्रति इसे संवेदनशील बनाती है। बड़े पैमाने पर BaaS मॉडल बनाने में चार्जिंग और स्वैपिंग स्टेशनों में लगातार और महंगे निवेश की आवश्यकता होती है, जिससे ऑपरेशनल जोखिम जुड़े हैं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.