📉 नतीजों का पूरा विश्लेषण
Borosil Scientific ने Q3 FY26 में अपनी आय (Revenue) में 19.47% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹12,120.76 लाख पर पहुँच गई। इसी के साथ, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated PAT) में 103.18% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹869.75 लाख रहा। बेसिक EPS भी ₹0.48 से बढ़कर ₹0.98 हो गया।
लेकिन, जब हम नौ महीनों (9M FY26) के नतीजों पर नज़र डालते हैं, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। इस अवधि में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 4.91% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹32,417.28 लाख रहा। हालांकि, कंसोलिडेटेड PAT में भारी गिरावट आई और यह 59.50% घटकर ₹733.53 लाख रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह नौ महीनों में हुए ₹852.82 लाख के असाधारण खर्चे हैं। इनमें ₹661.31 लाख का वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) पर खर्च और नए लेबर कोड्स लागू करने से आया ₹191.51 लाख का असर शामिल है।
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों में भी यही रुझान देखने को मिला। Q3 FY26 स्टैंडअलोन PAT 52.76% बढ़कर ₹1,021.07 लाख रहा, जबकि नौ महीनों में यह 12.73% गिरकर ₹1,818.89 लाख पर आ गया।
📊 सेगमेंट का हाल
कंपनी के मुख्य सेगमेंट 'साइंटिफिक - लैबोरेटरी ग्लास एंड इक्विपमेंट और प्रोसेस सिस्टम' और 'ग्लासवेयर' हैं। जहां साइंटिफिक सेगमेंट ने Q3 FY26 में ग्रोथ दिखाई, वहीं स्टैंडअलोन आधार पर ग्लासवेयर सेगमेंट ने पिछले साल की तुलना में कम प्रॉफिट बिफोर टैक्स दर्ज किया।
🚩 चिंता की बात और आगे की राह
सबसे बड़ी चिंता नौ महीनों में कंसोलिडेटेड PAT का बुरी तरह गिरना है, जो पूरी तरह से इन एकमुश्त (one-off) खर्चों के कारण हुआ है। VRS का खर्च एक बार का है, लेकिन लेबर कोड्स का असर आगे भी बना रह सकता है। इसके अलावा, मैनेजमेंट की ओर से भविष्य के लिए कोई गाइडेंस (guidance) न देना निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ाता है।
निवेशकों को अब आगे के नतीजों का इंतजार रहेगा, खासकर जब VRS सेटलमेंट का असर खत्म हो जाएगा। कंपनी की क्षमता कि वह असाधारण खर्चों के बिना Q3 जैसी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रख सके और ग्लासवेयर सेगमेंट के प्रदर्शन को बेहतर कर सके, यह महत्वपूर्ण होगा।