कंपनी का विस्तार प्लान: आगे क्या?
Borosil Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन पर कुल ₹92 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
भरूच, गुजरात में नया प्लांट:
कंपनी गुजरात के भरूच में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी, जिसके लिए ₹42 करोड़ का आवंटन किया गया है। यह प्लांट दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है (जरूरी अप्रूवल मिलने पर)।
जयपुर, राजस्थान में क्षमता वृद्धि:
इसके साथ ही, जयपुर में मौजूद बोरसिलिकेट ग्लास फर्नेस (Borosilicate Glass Furnace) की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए ₹50 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस विस्तार के बाद, जयपुर प्लांट की प्रोडक्शन कैपेसिटी 25 TPD (टन प्रति दिन) से बढ़कर 32 TPD हो जाएगी। यह विस्तार जनवरी 2028 में होने वाले फर्नेस रीबिल्ड के साथ जोड़ा गया है।
क्यों उठाया गया ये कदम?
कंपनी का कहना है कि ये निवेश बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हैं। इन विस्तारों से फर्नेस का बेहतर इस्तेमाल होगा और प्रोडक्शन कॉस्ट को कम करने में मदद मिल सकती है।
पुरानी कहानी और जोखिम:
Borosil का नाम कंज्यूमर हाउसवेयर, लैबोरेटरी ग्लासवेयर और फार्मा पैकेजिंग के क्षेत्र में जाना-माना है। हालांकि, कंपनी को पिछले विस्तार प्रोजेक्ट्स में लागत बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ा था, जो टेक्नोलॉजी, कमोडिटी और एनर्जी की बढ़ती कीमतों के कारण हुआ था। निवेशकों को इस बार भी बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट्स में लागत बढ़ने या समय लगने जैसे जोखिमों पर नजर रखनी होगी।
शेयर बाजार में कैसा है प्रदर्शन?
Borosil, La Opala RG Ltd और Cello World Ltd जैसे खिलाड़ियों के साथ कॉम्पिटिटिव मार्केट में है। फिलहाल, Borosil का PE रेशियो 35.65 है, जो सेक्टर के औसत 33.5 से थोड़ा ऊपर है। यह दर्शाता है कि बाजार कंपनी की ग्रोथ संभावनाओं को प्रीमियम वैल्यू दे रहा है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को भरूच प्लांट की शुरुआत की तारीख पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही जयपुर में क्षमता वृद्धि की समय-सीमा का भी ध्यान रखना होगा। कंपनी की वित्तीय परफॉरमेंस और कैश फ्लो पर भी नज़र रखनी होगी ताकि यह पता चल सके कि वह इन विस्तारों को कैसे फंड कर रही है और कहीं कर्ज का स्तर न बढ़ जाए।