Boeing Shares: चीन के 200 प्लेन ऑर्डर पर झटका! निवेशकों की चिंता बढ़ी, शेयर **5.4%** लुढ़के

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AuthorAditya Rao|Published at:
Boeing Shares: चीन के 200 प्लेन ऑर्डर पर झटका! निवेशकों की चिंता बढ़ी, शेयर **5.4%** लुढ़के
Overview

गुरुवार को Boeing के शेयर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन से **200** विमानों के ऑर्डर की घोषणा के बावजूद, निवेशकों की चिंता बढ़ गई। असल में, यह ऑर्डर उम्मीद से कम था और इसमें 737 Max जैसे ज़रूरी विमान शामिल नहीं थे, जिसने बाजार को मायूस कर दिया।

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चीन ने दिया 200 बोइंग विमानों का ऑर्डर, पर क्यों घबराए निवेशक?

चीन ने 200 बोइंग विमानों का ऑर्डर दिया है। यह लगभग एक दशक में चीन द्वारा अमेरिकी वाणिज्यिक जेट विमानों की पहली बड़ी खरीद है। इस डील की कीमत अरबों डॉलर में बताई जा रही है, जिसने चीन में बोइंग के लिए नए ऑर्डर की लंबी प्रतीक्षा को समाप्त कर दिया है। यह घोषणा तब हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ व्यापार वार्ता कर रहे थे। हालांकि, यह ऑर्डर पहले की उम्मीदों से कम रहा, जिसमें 500 737 Max जेट और अन्य वाइडबॉडी विमानों की उम्मीद थी। 200 विमानों के ऑर्डर में कौन से मॉडल शामिल हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

शेयर में 5.4% की गिरावट: 737 Max पर सवाल

इस बड़े ऑर्डर की खबर के बावजूद, बोइंग (BA) के शेयर गुरुवार को 5.4% तक गिर गए और लगभग $227.50 पर बंद हुए। यह गिरावट डील की उम्मीद में प्री-मार्केट में हुई बढ़त के बाद आई। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण ऑर्डर का आकार था, जिसे 2017 के 300 विमानों के सौदे से भी कम माना जा रहा है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि 737 Max की खरीद की पुष्टि नहीं हुई। चीन दुनिया का पहला देश था जिसने दो घातक दुर्घटनाओं के बाद 737 Max को ग्राउंड कर दिया था और 2023 में इसे सेवा में वापस लाने की अनुमति देने वाले देशों में से आखिरी था। इस घोषणा में इस मॉडल का शामिल न होना, चीन में बोइंग की पूरी मार्केट हिस्सेदारी हासिल करने की क्षमता पर सवाल खड़े करता है।

एयरबस और COMAC से कड़ी प्रतिस्पर्धा

अमेरिका-चीन व्यापारिक संबंधों ने चीन के महत्वपूर्ण विमानन बाजार में बोइंग की स्थिति को काफी बदल दिया है। पिछले दशक में, बोइंग की बाजार हिस्सेदारी सिकुड़ गई है, और प्रतिद्वंद्वी एयरबस (Airbus) ने बाजी मार ली है। एयरबस अब प्रमुख स्थिति में है, जो कथित तौर पर चीन के नैरो-बॉडी बाजार का लगभग 55% हिस्सा नियंत्रित करता है और बड़े ऑर्डर सुरक्षित करता है। इसके अलावा, चीन का अपना निर्माता COMAC भी अपने उत्पादन और बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, जिसका लक्ष्य बढ़ते चीनी बेड़े में बड़ा हिस्सा हासिल करना है। बोइंग के वर्तमान ऑर्डर बैकलॉग में चीनी एयरलाइंस का हिस्सा केवल लगभग 2% है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है।

वैल्यूएशन चिंताएं और व्यापारिक जोखिम

बोइंग वर्तमान में उच्च प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात पर कारोबार कर रहा है, जिसमें पिछले बारह महीनों (TTM) के आंकड़े 98.4 से 123.70 से अधिक हैं। यह स्तर बाजार और एयरोस्पेस क्षेत्र के औसत से काफी ऊपर है। जबकि कुछ विश्लेषणों से पता चलता है कि स्टॉक अपने आंतरिक मूल्य के आधार पर ओवरवैल्यूड है, विश्लेषकों की आम राय "Buy" या "Moderate Buy" की है। लगातार अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, जिसमें पिछले टैरिफ और जवाबी उपाय शामिल हैं, महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक जोखिम पैदा करते हैं। टैरिफ ने ऐतिहासिक रूप से एयरोस्पेस घटकों की निर्माण लागत को बढ़ा दिया है और विमान की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकता है। अगस्त 2024 में पदभार संभालने वाले CEO रॉबर्ट केली ऑर्टबर्ग को इन जटिल रिश्तों को नेविगेट करने और कंपनी को गुणवत्ता और उत्पादन पर फिर से केंद्रित करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जिसे कंपनी को "बहुत गहरे गड्ढे" से बाहर निकालने का प्रयास बताया गया है। नियामक फाइलिंग से पता चलता है कि संस्थागत निवेशकों की इसमें अच्छी खासी रुचि है, जिसमें कैपिटल वर्ल्ड इन्वेस्टर्स (Capital World Investors) की 31 मार्च 2026 तक बोइंग के 5.2% से अधिक शेयर थे।

विश्लेषकों का भरोसा कायम

इस तत्काल बाजार प्रतिक्रिया के बावजूद, विश्लेषकों का बोइंग पर मिला-जुला नजरिया बना हुआ है। स्टॉक को कवर करने वाले 16 विश्लेषकों की आम राय "Strong Buy" या "Buy" की है, और 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट लगभग $269.75 है, जो 12% से अधिक की संभावित बढ़त का संकेत देता है। विश्लेषक आने वाले वर्षों में राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाते हैं, जिसमें 2026 के लिए $115.53 बिलियन का अनुमान है। अगले तिमाही के लिए प्रति शेयर आय (EPS) का अनुमान घाटे का है, लेकिन व्यापक उद्योग के पूर्वानुमान एक सुधार की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, 737 Max के रेवर्क, डिलीवरी की गति और पोलिश एयरलाइंस द्वारा दायर मुकदमे जैसी चल रही कानूनी चुनौतियों से संबंधित चिंताएं निकट अवधि के दबाव बने हुए हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.