कमोडिटी की तेजी से मिली बूस्टर डोज
BoFA Securities ने Vedanta Ltd. पर अपना नजरिया काफी बुलिश (bullish) कर लिया है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक को 'Neutral' से अपग्रेड करके 'Buy' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस पिछले ₹480 के मुकाबले 75% बढ़ाकर ₹840 कर दिया है। इस बड़े अपग्रेड की मुख्य वजह एल्युमीनियम और सिल्वर जैसी प्रमुख कमोडिटीज (Commodities) की कीमतों में आने वाली तेजी का अनुमान है। BoFA का मानना है कि सप्लाई की कमी, प्रोडक्शन पर लगी रोक और बढ़ते टैरिफ के चलते ग्लोबल एल्युमीनियम की कीमतें 2026 तक $3,000 प्रति टन तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह, सिल्वर की कीमतों में भी मजबूत तेजी की उम्मीद है, जो 2026 तक औसतन $81 प्रति औंस के स्तर को छू सकती हैं, जो 2025 के औसत से दोगुना से भी ज्यादा है।
पेरेंट कंपनी की डी-लिवरेजिंग और वैल्यूएशन
BoFA के बुलिश रुख के पीछे Vedanta की पेरेंट कंपनी के स्तर पर चल रहे डी-लिवरेजिंग (कर्ज घटाने) के प्रयासों का भी बड़ा हाथ है। इस स्ट्रैटेजिक कदम से इंटर-कॉर्पोरेट लोन की लागत बढ़ने का जोखिम कम हुआ है और कंपनी की वित्तीय स्थिरता मजबूत हुई है। ब्रोकरेज ने 2026-2028 के फाइनेंशियल ईयर के लिए EBITDA अनुमानों को भी 16% से 21% तक बढ़ा दिया है। साथ ही, होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट को 15% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इन सब सुधारों से कंपनी की वैल्यूएशन (valuation) बढ़ी है, जिसमें Hindustan Zinc जैसी सब्सिडियरी में उसकी हिस्सेदारी का मूल्य भी शामिल है। कंपनी का 6% के आसपास का डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) भी निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो रहा है।
एनालिस्ट्स का भरोसा और मार्केट पोजीशन
BoFA का ₹840 का टारगेट प्राइस Vedanta के लिए स्ट्रीट-हाई (street-high) में से एक है, जो Citi (₹900) और Systematix Group (₹898) के बाद आता है। Vedanta को कवर करने वाले 15 एनालिस्ट्स में से 11 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जबकि 4 'Hold' की सलाह दे रहे हैं। 13 एनालिस्ट्स की आम राय के मुताबिक, स्टॉक का औसतन 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹781.08 है। Vedanta का मौजूदा P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) लगभग 12.87x से 16.41x के बीच है, जो पीयर्स जैसे Hindalco Industries (12.3x) और National Aluminium Co. Ltd (10.4x) की तुलना में ठीक लगता है। कंपनी का मार्केट कैप (Market Capitalization) लगभग ₹2.71 लाख करोड़ है। स्टॉक ने हाल ही में शानदार प्रदर्शन किया है, फरवरी 2026 तक यह साल-दर-साल 16% और पिछले साल में 64.4% बढ़ चुका है।
ESG चिंताओं का साया
बाजार की सकारात्मक राय और कमोडिटी की मजबूत उम्मीदों के बावजूद, Vedanta का सफर पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी पुरानी चिंताओं के साये में है। कंपनी पर अक्सर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने, जहरीला कचरा फैलाने और पानी को प्रदूषित करने जैसे आरोप लगते रहे हैं। अतीत में ओडिशा में आदिवासी समुदायों के विस्थापन और 2018 के थोथुकुडी (Thoothukudi) विरोध प्रदर्शन, जिसमें 13 लोगों की जान गई थी, ने ग्लोबल निवेशकों और NGO की कड़ी आलोचना को जन्म दिया है। ये ESG (Environmental, Social, and Governance) कंसर्न्स (concerns) कंपनी के लिए लगातार जोखिम बने हुए हैं, जो रेगुलेटरी अप्रूवल, ऑपरेशनल कंटिन्यूटी और निवेशक के भरोसे को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे का रास्ता
भविष्य में Vedanta का प्रदर्शन काफी हद तक ग्लोबल मेटल कीमतों, खासकर एल्युमीनियम और सिल्वर की मजबूती, और पेरेंट कंपनी की डी-लिवरेजिंग स्ट्रेटेजी की सफलता पर निर्भर करेगा। कंपनी का तेल और गैस के साथ-साथ विभिन्न मेटल्स में फैला बिजनेस उसे एक मजबूत आधार देता है, लेकिन ऑपरेशनल रिस्क और लगातार बनी ESG चुनौतियां कंपनी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती हैं। हालांकि, मौजूदा बुलिश एनालिस्ट सेंटीमेंट और BoFA का बढ़ा हुआ भरोसा यह दर्शाता है कि उम्मीद की जा रही है कि ये पॉजिटिव फैक्टर्स पुरानी चिंताओं पर भारी पड़ेंगे और स्टॉक की ऊपर की ओर बढ़त को सपोर्ट करेंगे।