Blue Star Ltd ने सितंबर तिमाही के दमदार नतीजे पेश किए हैं, जहां कंपनी का रेवेन्यू **21%** बढ़कर **₹2,930.95 करोड़** पर पहुंच गया। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन फिसलकर **6.9%** रह गया है, जिसे संभालने के लिए कंपनी ने मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव किया है।
मार्जिन पर दबाव और ऑपरेशनल चुनौतियां
सितंबर तिमाही के नतीजे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की उस आम चुनौती को दर्शाते हैं, जहां तेजी से बढ़ती सेल्स के बीच मुनाफा कमाना मुश्किल हो रहा है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल ₹2,422.37 करोड़ से बढ़कर ₹2,930.95 करोड़ हो गया है, लेकिन इसका असर बॉटम लाइन पर नहीं दिख रहा।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल के 7.6% से घटकर 6.9% रह गया है। प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने के बावजूद, कंपनी बढ़ती इनपुट कॉस्ट का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल सकी। खासकर 'यूनिटरी प्रोडक्ट्स' सेगमेंट, जिसमें एसी (AC) आते हैं, वहां 29.4% की शानदार ग्रोथ के बावजूद बढ़ती कंपोनेंट लागत ने मुनाफे को कम कर दिया है।
नई टीम और मैनेजमेंट में बदलाव
इस लागत दबाव को कम करने के लिए कंपनी ने टॉप मैनेजमेंट में फेरबदल किया है। 1 नवंबर 2026 से Nithianand S को 'ग्रुप प्रेसिडेंट ऑफ सप्लाई चेन एंड प्रोक्योरमेंट' और Senthil Thangam को 'प्रेसिडेंट ऑफ एयर कंडीशनिंग एंड रेफ्रिजरेशन सॉल्यूशंस ग्रुप' के रूप में नियुक्त किया गया है। यह फैसला प्रोक्योरमेंट में बचत करने और कमोडिटी मार्केट की अस्थिरता के बीच प्रोडक्ट कॉस्ट मैनेज करने की रणनीति है।
ऑर्डर बुक और आगे का आउटलुक
कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के अलावा, कंपनी का प्रोजेक्ट-बेस्ड बिजनेस काफी मजबूत है। 30 सितंबर तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹7,229.22 करोड़ की रही। यह बैक-लॉग एसी बिजनेस की सीजनल अनिश्चितता के मुकाबले रेवेन्यू की बेहतर विजिबिलिटी देता है।
मैनेजमेंट का मानना है कि डेटा सेंटर और कमर्शियल रेफ्रिजरेशन की मांग स्थिर बनी रहेगी। हालांकि, ब्याज दरों का कंज्यूमर स्पेंडिंग पर असर, मानसून का कृषि आय पर प्रभाव और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी भू-राजनीतिक (Geopolitical) चिंताएं निवेशकों के लिए मॉनिटर करने वाले मुख्य कारक बने हुए हैं।
