Blue Star के मुनाफे में **15%** की गिरावट, ₹102 करोड़ रहा नेट प्रॉफिट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Blue Star के मुनाफे में **15%** की गिरावट, ₹102 करोड़ रहा नेट प्रॉफिट

Blue Star ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **15.15%** घटकर **₹102.51 करोड़** रह गया है। लागत बढ़ने और गर्मी के मौसम में देरी के कारण कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू **13.3%** बढ़कर **₹3,377.92 करोड़** हो गया, लेकिन रूम एयर कंडीशनर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। फिर भी, डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की मजबूत मांग के चलते कंपनी का ऑर्डर बुक **₹7,764 करोड़** पर मजबूत बना हुआ है। नतीजों के बाद शेयर में कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया है।

मार्जिन पर दबाव का असर

Blue Star Ltd ने 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 13.3% बढ़कर ₹3,377.92 करोड़ दर्ज किया गया। लेकिन, मुनाफे पर भारी दबाव देखने को मिला, जो 15.15% गिरकर ₹102.51 करोड़ पर आ गया। कंपनी के EBITDA मार्जिन में 153 बेसिस पॉइंट की कमी आई, जो 5.18% रहा।

कंज्यूमर बिजनेस में क्यों आई गिरावट?

कंपनी के यूनिटरी कूलिंग प्रोडक्ट्स सेगमेंट, जिसमें रूम एयर कंडीशनर (RAC) का बिजनेस शामिल है, में मुनाफे पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। इसका मुख्य कारण तांबे जैसी कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और रुपये के कमजोर होने से इम्पोर्टेड कंपोनेंट्स की लागत बढ़ना रहा। देर से शुरू हुए गर्मी के मौसम के कारण इन्वेंटरी भी बढ़ गई, जिससे कंपनी को मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी और लागत में कटौती के बीच संतुलन बनाना पड़ा। मैनेजमेंट ने लागत वृद्धि का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय, इसका कुछ हिस्सा खुद वहन करने का फैसला किया, जिससे इस सेगमेंट का ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 2.9% रह गया।

डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स से ऑर्डर बुक को बूस्ट

कंज्यूमर ड्यूरेबल सेगमेंट में चुनौतियों के बावजूद, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल एयर कंडीशनिंग बिजनेस एक मजबूत कड़ी साबित हुआ। इस सेगमेंट में ऑर्डर इनफ्लो में 24% की बढ़ोतरी देखी गई, जिसका मुख्य कारण डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग है। तिमाही के अंत तक, कंपनी का कुल ऑर्डर बुक ₹7,764.38 करोड़ पर मजबूत स्थिति में था। प्रबंधन को उम्मीद है कि इन प्रोजेक्ट्स की एग्जीक्यूशन साइकिल छोटी होने से कैश फ्लो और मार्जिन में सुधार होगा।

बाजार की प्रतिक्रिया और भविष्य का अनुमान

इन नतीजों के बाद कंपनी के शेयर की कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जो अगस्त 2026 की शुरुआत में करीब ₹1,514 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि निकट अवधि में इनपुट लागत के कारण मुनाफा दबाव में है, कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और नेट कैश ₹900 करोड़ से अधिक है। प्रबंधन का कहना है कि अगर कमोडिटी की कीमतें स्थिर रहती हैं और ट्रेड चैनल में इन्वेंटरी सामान्य हो जाती है, तो फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही से मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। निवेशक कंपनी की आगामी तिमाहियों में मार्जिन को सुरक्षित रखने की क्षमता और बड़े डेटा सेंटर ऑर्डर बुक के एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.