Blue Dart: आम आदमी की जेब पर असर, 9-12% महंगी होगी डिलीवरी, E-commerce कंपनियों की बढ़ी चिंता

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Blue Dart: आम आदमी की जेब पर असर, 9-12% महंगी होगी डिलीवरी, E-commerce कंपनियों की बढ़ी चिंता

Blue Dart Express ने जनवरी 2027 से अपनी डोमेस्टिक लॉजिस्टिक्स दरों में **9-12%** की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। बढ़ती ऑपरेशनल लागत का हवाला देते हुए लिए गए इस फैसले से E-commerce कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ना तय है।

लॉजिस्टिक्स कंपनियां अब अपनी सेवाओं के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। बढ़ती लेबर कॉस्ट, वेयरहाउसिंग के खर्च और लास्ट-माइल डिलीवरी की बढ़ती लागत को देखते हुए Blue Dart Express ने अपनी डोमेस्टिक सर्विस के लिए 9-12% तक रेट हाइक का ऐलान किया है, जो 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगा। हालांकि, कंपनी ने नए ग्राहकों को राहत देते हुए कहा है कि जो अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच जुड़ेंगे, उन पर यह इजाफा लागू नहीं होगा।\n\nयह केवल एक कंपनी की कहानी नहीं है। Emiza जैसी फर्मों ने भी हाल के महीनों में 10-15% तक दाम बढ़ाए हैं। हरियाणा जैसे इंडस्ट्रियल हब में लेबर की कमी और बढ़ती मजदूरी की वजह से डिलीवरी कंपनियों के लिए काम करना महंगा हो गया है।\n\n### E-commerce कंपनियों के लिए क्या हैं चुनौतियां?\n\nआमतौर पर E-commerce कंपनियों के कुल खर्च में लॉजिस्टिक्स का हिस्सा 10-20% होता है। पतले मुनाफे (Thin Margins) पर काम करने वाली इन कंपनियों के लिए अब डिस्काउंट देना और ज्यादा मुश्किल होगा। आने वाले दिनों में निवेशक देख सकते हैं कि कंपनियां फ्री डिलीवरी के लिए 'मिनिमम ऑर्डर वैल्यू' बढ़ा दें या ग्राहकों से सीधे डिलीवरी चार्ज वसूलना शुरू कर दें।\n\nएफिशिएंसी सुधारने के लिए कंपनियां अब टेक्नोलॉजी का सहारा ले रही हैं। Shiprocket जैसे प्लेटफॉर्म 'RADAR' जैसे प्रेडिक्टिव इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि नेटवर्क की भीड़ को कम किया जा सके। रिटर्न पार्सल की वजह से कंपनियों को हर पैकेट पर ₹60 तक का नुकसान उठाना पड़ता है, जिसे कम करना अब मुनाफे के लिए अनिवार्य हो गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.