Bharat Forge Share: डिफेंस और ऑटो की डबल बम्पर! शेयर पहुंचा 52-हफ्ते की नई ऊंचाई पर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Bharat Forge Share: डिफेंस और ऑटो की डबल बम्पर! शेयर पहुंचा 52-हफ्ते की नई ऊंचाई पर
Overview

Bharat Forge के शेयरों में आज जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जो **52-हफ्ते** की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी की मजबूत डिफेंस ऑर्डर बुक, जो **₹11,130 करोड़** से अधिक हो गई है, और ऑटो सेक्टर से बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है। मैनेजमेंट का भी मानना है कि FY27 तक **हाई डबल-डिजिट ग्रोथ** देखने को मिल सकती है।

डिफेंस का दम और ऑटो की वापसी, क्यों भागा Bharat Forge का शेयर?

Bharat Forge के शेयर में आई ये तेजी कोई मामूली बात नहीं है। कंपनी का डिफेंस और एयरोस्पेस बिजनेस अब एक बड़ा सहारा बन गया है, जो कंपनी के पारंपरिक ऑटोमोटिव बिजनेस की साइक्लिकलिटी (cyclicality) को संतुलित कर रहा है। ऐसे में, शेयर बाजार का फोकस अब इस डायवर्सिफाइड ग्रोथ पर है, जो कंपनी को नए वैल्यूएशन मल्टीपल्स (valuation multiples) तक ले जा सकता है।

डिफेंस इंजन की गर्जना: नए ऑर्डर्स ने भरी उड़ान

Bharat Forge का डिफेंस सेगमेंट अब ग्रोथ का एक बड़ा इंजन बन गया है। Q3 FY26 में कंपनी को ₹2,388 करोड़ के नए ऑर्डर्स मिले, जिनमें से अकेले ₹1,878 करोड़ डिफेंस सेक्टर से थे। इससे 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी की डिफेंस ऑर्डर बुक बढ़कर ₹11,130 करोड़ पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि डिफेंस मिनिस्ट्री से 2,50,000 से ज्यादा CQB कार्बाइन यूनिट्स का एक बड़ा ऑर्डर मिला है, जिससे कंपनी के स्मॉल आर्म्स वर्टिकल को जबरदस्त फायदा होगा। इसके अलावा, H2 FY27 तक एडवांस्ड टोएर्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का एग्जीक्यूशन शुरू होने की उम्मीद है, जो ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखेगा। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY27 में डिफेंस रेवेन्यू ₹3,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकता है, जो इस सेगमेंट के लिए 50% से ज्यादा की ग्रोथ होगी। सरकार के मजबूत सपोर्ट वाले इस सेक्टर में डाइवर्सिफिकेशन, कंपनी को एक स्टेबल रेवेन्यू स्ट्रीम दे रहा है, जो इसे ऑटोमोबाइल कंपनियों से ज्यादा वैल्यूएशन दिला सकता है।

ऑटोमोटिव रिकवरी की राह पर

डिफेंस के अलावा, Bharat Forge ऑटो सेक्टर में आने वाली रिकवरी का भी फायदा उठाने के लिए तैयार है। मैनेजमेंट का कहना है कि सबसे बुरा दौर बीत चुका है और FY27 तक डोमेस्टिक और एक्सपोर्ट दोनों बाजारों से हाई डबल-डिजिट टॉप-लाइन ग्रोथ की उम्मीद है। उत्तरी अमेरिका का कमर्शियल व्हीकल (CV) मार्केट, जो एक बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन है, अब बॉटम आउट होने के संकेत दे रहा है और Q1 FY27 से वॉल्यूम में सुधार की उम्मीद है। इस साइक्लिकल अपटर्न के साथ-साथ डोमेस्टिक पैसेंजर व्हीकल और MHCV सेगमेंट्स में अच्छी ग्रोथ, कंपनी के पारंपरिक बिजनेस को सपोर्ट करेगी। Q3 FY26 में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 25% YoY बढ़ा था, जिसमें इन ऑटो सेगमेंट्स का भी योगदान रहा। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में नॉर्थ अमेरिका में बाजार की धीमी गति और इन्वेंट्री क्लियरेंस के कारण एक्सपोर्ट रेवेन्यू में थोड़ी गिरावट और स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में कमी देखी गई थी। लेकिन कुल मिलाकर, डिमांड का माहौल सुधरता दिख रहा है।

वैल्यूएशन और ब्रोकरेज की राय

Bharat Forge फिलहाल 67.5x से 73.74x के TTM P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके ऐतिहासिक मल्टीपल्स और कुछ पियर्स (peers) के मुकाबले ज्यादा है। हालांकि, डिफेंस सेगमेंट की मजबूत ग्रोथ और मार्जिन प्रोफाइल को देखते हुए यह वैल्यूएशन जस्टिफाई हो सकता है। Uno Minda का P/E लगभग 58.95x से 73.32x है, Motherson Sumi Systems (MSS) का LTM P/E लगभग 36.4x है, और Sona Comstar (Sona BLW) 50.8x से 54.68x पर ट्रेड कर रहा है। नोमुरा (Nomura) ने अपने न्यूट्रल (Neutral) रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹1,844 रखा है, जो उनके FY28 EV/Ebitda के 19x और P/E के 31x पर आधारित है। वहीं, एम्के ग्लोबल (Emkay Global) ने 'Buy' रेटिंग देते हुए टारगेट ₹2,000 रखा है, जो डिफेंस सेगमेंट के बढ़ते योगदान से वैल्यूएशन री-रेटिंग की उम्मीद जताता है। दूसरी ओर, मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) का मानना है कि स्टॉक करेंट मल्टीपल्स पर फेयरली वैल्यूड है, जो FY27E के 44.7x और FY28E के 36.2x P/E पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹84,062 करोड़ है।

रिस्क फैक्टर: कहीं वैल्यूएशन ज्यादा तो नहीं?

इतनी अच्छी खबरों के बावजूद, कुछ जोखिम भी हैं। मौजूदा हाई वैल्यूएशन मल्टीपल्स यह संकेत देते हैं कि ग्रोथ और रिकवरी की उम्मीदें काफी हद तक स्टॉक में पहले से ही प्राइस-इन (price-in) हैं। अगर डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स के एग्जीक्यूशन में कोई दिक्कत आती है, ATAGS या CQB कार्बाइन प्रोग्राम में देरी होती है, या ग्लोबल ऑटो मार्केट में मंदी और लंबी खिंचती है, तो शेयर में बड़ी गिरावट आ सकती है। Q3 FY26 में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट और मार्जिन में आई कमी, जो प्रोडक्ट मिक्स और टैरिफ लागत के कारण थी, ऑपरेशनल चुनौतियों को भी दर्शाती है। कंपनी का हाई-वैल्यू एयरोस्पेस और एनर्जी सिस्टम्स में जाना अच्छा है, लेकिन यह कैपिटल-इंटेंसिव और जटिल क्षेत्र हैं।

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