Bharat Forge ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। रेवेन्यू में **20.8%** की शानदार उछाल के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट **6.9%** घटकर **₹278.68 करोड़** पर आ गया है। लागत बढ़ने से निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ा और शेयर में **1.6%** से ज्यादा की गिरावट दिखी।
Bharat Forge के लिए सितंबर तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 20.8% बढ़कर ₹4,869.97 करोड़ पहुंच गया, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा है।
क्यों घटे मुनाफे?
मुनाफे में कमी की सबसे बड़ी वजह बढ़ती लागत है। कंपनी का कंसोलिडेटेड खर्च 23.2% बढ़कर ₹4,469 करोड़ हो गया। साफ है कि रॉ मटेरियल और ऑपरेशनल खर्चों में हुई बढ़ोतरी कंपनी की कमाई की रफ्तार से कहीं ज्यादा तेज रही, जिससे मार्जिन पर सीधा असर पड़ा है।
डिफेंस सेक्टर पर बड़ा दांव
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी अपना ध्यान डिफेंस सेक्टर की ओर बढ़ा रही है। बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी, Kalyani Strategic Systems Limited में ₹290.51 करोड़ का कैपिटल इन्फ्यूजन करने की मंजूरी दी है। यह निवेश 31 मार्च, 2027 तक पूरा किया जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल डिफेंस प्रोडक्ट्स की टेक्नोलॉजी और नई मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी विकसित करने के लिए होगा, जिसे कंपनी ने हाल ही में QIP के जरिए जुटाया था।
मार्केट का रिएक्शन और चिंताएं
नतीजों के बाद बाजार में बिकवाली दिखी और स्टॉक 1.6% से 3.3% तक नीचे ट्रेड करता नजर आया। निवेशकों के लिए फिलहाल दो मुख्य जोखिम हैं: पहला, उत्तरी अमेरिका के बाजार में कमर्शियल व्हीकल की मांग में कमी। दूसरा, कंपनी के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान को समय पर लागू करने की चुनौती। अब निवेशकों की नजर मैनेजमेंट के उस बयान पर होगी, जिसमें वे डिफेंस ऑर्डर बुक से कमाई शुरू होने की टाइमलाइन पर सफाई देंगे।
