आक्रामक ग्रोथ की तैयारी, पर सामने हैं चुनौतियाँ
Bharat Forge ने FY27 के लिए आक्रामक ग्रोथ का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी अपने डिफेंस बिजनेस को 50% तक बढ़ाने की उम्मीद कर रही है, जबकि ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स में 25% से ज्यादा की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, कंपनी डेटा सेंटर के लिए कंपोनेंट एक्सपोर्ट से FY27 तक $100 मिलियन कमाने का लक्ष्य भी लेकर चल रही है। कंपनी लागत कम करने और प्रोडक्ट डेवलपमेंट को तेज करने के लिए AI (Artificial Intelligence) का भी इस्तेमाल करेगी, जिससे 5-7% तक की लागत बचत और तेजी से प्रोडक्ट तैयार होने की उम्मीद है।
मिले-जुले नतीजे और मार्जिन पर दबाव
यह उम्मीदें हाल ही में घोषित FY26 की चौथी तिमाही के मिले-जुले नतीजों के बीच आई हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17.5% बढ़कर ₹4,528 करोड़ हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट 17.4% घटकर ₹233 करोड़ पर आ गया। इस गिरावट की वजह एकमुश्त ₹98.7 करोड़ का नुकसान और EBITDA मार्जिन का 17.7% से घटकर 17.2% हो जाना रहा। इन नतीजों के समय (मई 2026 की शुरुआत में) शेयर का भाव लगभग ₹1,877.20 था और मार्केट कैप ₹89,606 करोड़ के आसपास था।
डिफेंस पर फोकस और नए अवसर
Bharat Forge अपने डिफेंस सेगमेंट में एक्वीजीशन के बजाय इंटरनल कैपेबिलिटी बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसमें खुद की एक्सप्लोसिव फैसिलिटी स्थापित करने की भी योजना है। यह कदम ग्लोबल डिफेंस खर्च में हो रही बढ़ोतरी के अनुरूप है। FY26 के अंत तक कंपनी का डिफेंस ऑर्डर बुक ₹10,961 करोड़ का था, जिसमें से ₹2,816 करोड़ के नए डिफेंस ऑर्डर FY26 में ही मिले। यूरोप में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के अवसरों को भी तलाशा जा रहा है, हालांकि अभी शुरुआती दौर में हैं। वहीं, ऑटो एनसिलरी सेक्टर में 7-9% की ग्रोथ का अनुमान है।
चेयरमैन कल्याणी से जुड़ा बड़ा 'गवर्नेंस रिस्क'
इतनी शानदार ग्रोथ की उम्मीदों के बावजूद, Bharat Forge के सामने एक बड़ा 'गवर्नेंस रिस्क' खड़ा हो गया है। यह जोखिम चेयरमैन बाबा कल्याणी से जुड़े एक बड़े पारिवारिक संपत्ति विवाद से पैदा हुआ है। यह कानूनी लड़ाई, जिसकी कीमत ₹1 लाख करोड़ तक बताई जा रही है, कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर रही है। कल्याणी की मध्यस्थता का विरोध इस मुकदमे को लंबा खींच सकता है और मैनेजमेंट का ध्यान मुख्य कामों से भटका सकता है, जिससे इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस पर असर पड़ सकता है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
कंपनी का P/E रेश्यो (लगभग 50.35x अप्रैल 2026 तक) इंडस्ट्री के दूसरे प्लेयर्स के मुकाबले काफी ज्यादा है, जो कि चिंता का विषय है। वहीं, पिछले तीन सालों में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) औसतन 10.8%-12.4% रहा है, जो इस हाई P/E को सपोर्ट करता नहीं दिखता। हालांकि, ज्यादातर एनालिस्ट्स अभी भी स्टॉक पर 'स्ट्रॉन्ग बाय' या 'बाय' की रेटिंग दे रहे हैं। 12 महीने के टारगेट प्राइस ₹1,345 से लेकर ₹1,991.33 तक के दिए जा रहे हैं, जो मौजूदा भाव से 6% से 40% तक का अपसाइड दिखा रहे हैं।
कुल मिलाकर, Bharat Forge भविष्य की ग्रोथ के लिए तैयार दिख रही है, लेकिन बाबा कल्याणी से जुड़े पारिवारिक विवाद और उससे पैदा हो रहे गवर्नेंस रिस्क एक बड़ा सवालिया निशान है जिसे कंपनी को जल्द सुलझाना होगा।
