Jefferies की Bharat Forge पर 'Buy' रेटिंग और ₹2,150 का टारगेट एनालिस्ट्स के बीच कंपनी के डिफेंस सेक्टर में आक्रामक विस्तार और एक्सपोर्ट में संभावित रिकवरी पर उम्मीदें बढ़ाता है। यह कंपनी के लिए ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स से आगे बढ़कर डिफेंस और एयरोस्पेस में ग्रोथ का एक नया दौर शुरू कर सकता है। हालांकि, कंपनी की मौजूदा हाई वैल्यूएशन और एम्बिशन को पूरा करने की राह में आने वाली चुनौतियां अभी भी चिंता का विषय हैं, जिसके चलते कई एनालिस्ट्स 'Hold' रेटिंग पर कायम हैं।
डिफेंस सेक्टर में कैसे बढ़ रही है Bharat Forge?
Jefferies का पॉजिटिव आउटलुक Bharat Forge के डिफेंस ऑर्डर पाइपलाइन और एक्सपोर्ट मार्केट्स में वापसी की उम्मीदों पर आधारित है। कंपनी आर्टिलरी सिस्टम्स से आगे बढ़कर लैंड, नेवल और एयरोस्पेस इक्विपमेंट में विस्तार कर रही है। इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाया जा रहा है, अंडरवॉटर टेक्नोलॉजीज में निवेश हो रहा है, और 2,50,000 से अधिक यूनिट्स के CQB कार्बाइन कॉन्ट्रैक्ट जैसे नए ऑर्डर्स मिल रहे हैं। कंपनी की डिफेंस ऑर्डर बुक ₹11,130 करोड़ तक पहुंच गई है (31 दिसंबर 2025 तक), जिसमें अकेले दिसंबर तिमाही में ₹1,878 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं। भारतीय डिफेंस मार्केट खुद USD 30.08 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी CAGR 5.66% रहने की उम्मीद है। Bharat Forge का डिफेंस रेवेन्यू पिछले कुछ सालों में न के बराबर से बढ़कर ₹1,700 करोड़ से ज्यादा हो गया है। FY2027 तक लैंडिंग गियर कंपोनेंट्स और जेट इंजन पार्ट्स के लिए डेडिकेटेड मशीनिंग लाइन्स शुरू हो जाएंगी।
एक्सपोर्ट और नए बिजनेसेज में सुधार
डिफेंस के अलावा, Bharat Forge का एक्सपोर्ट बिजनेस, खासकर नॉर्थ अमेरिका के ट्रक मार्केट में, रिकवरी के संकेत दे रहा है। ग्लोबल ट्रक प्रोडक्शन 2028 तक पीक पर पहुंचने की उम्मीद है। यह रिकवरी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऑटो सेक्टर में ग्लोबल लेवल पर स्थिरता दिख रही है, लेकिन इकोनॉमिक फैक्टर और सप्लाई चेन की दिक्कतें चुनौतियां पेश कर रही हैं। कंपनी के Q3FY26 के नतीजों में स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्लैट रहा, जबकि टनेज में 6% की गिरावट आई। वहीं, डिफेंस रेवेन्यू में 102% का जबरदस्त उछाल देखा गया। मैनेजमेंट का कहना है कि ऑटो सेक्टर स्थिर हो रहा है, लेकिन एयरोस्पेस और इंडस्ट्रियल कंपोनेंट्स जैसे नए बिजनेस ग्लोबल ऑटोमोटिव मंदी की भरपाई कर रहे हैं। कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए, Bharat Forge ने अक्टूबर 2024 में AAM इंडिया मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण का समझौता किया है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स के अलग-अलग विचार
Bharat Forge फिलहाल अपने ऑटो कंपोनेंट साथियों की तुलना में काफी हाई वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 71-81 के आसपास है, और फॉरवर्ड P/E लगभग 54 है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन मार्च 2026 तक ₹81,843 करोड़ से ₹88,050 करोड़ के बीच है। यह हाई वैल्यूएशन स्टॉक के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है, जो पिछले 52 हफ्तों में 80% से ज्यादा बढ़ा है। Jefferies का ₹2,150 का टारगेट प्राइस 30% के अपसाइड का संकेत देता है। हालांकि, ज्यादातर एनालिस्ट्स ज्यादा सतर्क हैं और उनका औसत प्राइस टारगेट ₹1,681 से ₹1,841 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से आगे बड़ी तेजी की कम संभावना जताता है।
जोखिम और सावधानियां
पॉजिटिव एनालिस्ट कवरेज और बड़े ऑर्डर बुक के बावजूद, कुछ जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी है। नेवल टेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स जैसे कॉम्प्लेक्स डिफेंस सेगमेंट में कंपनी के विस्तार में एग्जीक्यूशन रिस्क शामिल है। इन क्षमताओं को विकसित करने के लिए भारी R&D, तकनीकी विशेषज्ञता और स्थापित ग्लोबल प्लेयर्स से मुकाबला करने की क्षमता साबित करनी होगी। एक्सपोर्ट मार्केट भू-राजनीतिक बदलावों और आर्थिक मंदी के प्रति संवेदनशील है। कंपनी की जर्मन सहायक कंपनियों ने 2020 में एक एंटीट्रस्ट जांच के लिए €32 मिलियन का सेटलमेंट किया था। हाल ही में, दिसंबर 2025 में, कंपनी ने रॉयटर्स की एक रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया था जिसमें रूसी रक्षा प्रतिनिधिमंडल के साथ गुप्त बैठकों का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा, स्टॉक का RSI 74.09 पर है, जो ओवरबॉट टेरिटरी के करीब है, और इसका P/E रेश्यो इंडस्ट्री के कई साथियों से काफी ऊपर है, जिससे पता चलता है कि ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही कीमत में शामिल है।
आगे की राह
Bharat Forge को FY27 में हाई डबल-डिजिट टॉप-लाइन ग्रोथ की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) और QCB कार्बाइन जैसे बड़े डिफेंस ऑर्डर्स हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि साइक्लिकल गिरावट का बुरा दौर शायद खत्म हो गया है। जबकि Jefferies ₹2,150 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग पर बुलिश है, वहीं अन्य एनालिस्ट्स का रुख न्यूट्रल है। कुछ वॉल स्ट्रीट एनालिस्ट्स का अनुमान है कि स्टॉक प्राइस अगले 12 महीनों में दबाव का सामना कर सकता है, और औसत टारगेट ₹1,650 के करीब हैं। कंपनी की रणनीति अपने बढ़ते डिफेंस ऑर्डर बुक को लगातार रेवेन्यू और मुनाफे में बदलने पर टिकी है, साथ ही अस्थिर ग्लोबल इकोनॉमिक और जियोपॉलिटिकल माहौल से निपटना है।