Bhagwati Products Limited ने एक बड़े डोमेस्टिक IPO (Initial Public Offering) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी का इरादा ₹3,000 करोड़ से अधिक फंड जुटाने का है। इस IPO के ज़रिए कंपनी ₹20,000 करोड़ से ज़्यादा का वैल्यूएशन (Valuation) हासिल करने का लक्ष्य रख रही है।
यह कंपनी के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक शिफ्ट (Strategic Shift) है, क्योंकि अब वह सिर्फ Vivo और Oppo जैसे ब्रांड्स के लिए डिवाइस असेंबल (Assemble) करने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स (Electronic Components) बनाने पर ज़ोर देगी। कंपनी के को-फाउंडर राहुल शर्मा ने बताया कि Bhagwati Products फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) तक ₹15,000 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) हासिल करने की उम्मीद कर रही है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के लगभग ₹6,200 करोड़ के रेवेन्यू से दोगुना से भी ज़्यादा होगा। यह ग्रोथ स्मार्टफोन, टैबलेट, TWS डिवाइस और स्टोरेज सॉल्यूशंस के प्रोडक्शन को बढ़ाने के साथ-साथ डिस्प्ले और मैकेनिकल कंपोनेंट्स जैसे पुर्ज़े बनाने पर फोकस करने से आएगी। IPO प्रक्रिया के लिए कंपनी ने ICICI Securities, Axis Capital, Kotak Mahindra Capital, IIFL Securities और Goldman Sachs जैसे बड़े निवेश बैंकरों को हायर किया है। SEBI के पास ड्राफ्ट फाइलिंग अगले तीन से चार महीनों में होने की उम्मीद है, और IPO संभवतः FY27 में लॉन्च हो सकता है।
कंपीटिटर्स से तुलना और वैल्यूएशन
Bhagwati Products का टारगेट वैल्यूएशन, भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) सेक्टर की स्थापित कंपनियों के बराबर है। हाल के महीनों में Amber Enterprises India Ltd और Dixon Technologies (India) Ltd जैसे प्रतिद्वंद्वियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई है, जिसका एक कारण भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम है। उदाहरण के लिए, Dixon Technologies का मार्केट वैल्यूएशन लगभग ₹40,000 करोड़ है, जबकि Amber Enterprises का वैल्यूएशन करीब ₹25,000 करोड़ है। FY26 के लिए Bhagwati Products के ₹15,000 करोड़ के अनुमानित रेवेन्यू और ₹20,000-25,000 करोड़ के वैल्यूएशन को देखते हुए, इसका फॉरवर्ड रेवेन्यू मल्टीपल (Forward Revenue Multiple) 1.3x से 1.7x रहने का अनुमान है, जो कि तेज़ी से बढ़ते EMS सेक्टर के लिए प्रतिस्पर्धी है। हालांकि, निवेशकों की नज़र कंपनी की प्रॉफ़िटेबिलिटी (Profitability) और मार्जिन्स पर रहेगी, खासकर स्थापित प्रतिस्पर्धियों की तुलना में जो PLI स्कीम का लाभ उठा रहे हैं।
JV स्ट्रक्चर और इसके जोखिम
Bhagwati Products, Micromax Informatics और चीन की Huaqin Technologies के बीच एक जॉइंट वेंचर (JV) है, जिसमें Huaqin Technologies 2024 में शामिल हुई। यह स्ट्रक्चर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्टीज़ (Global Manufacturing Expertise) और सोर्सिंग (Sourcing) तक पहुंच प्रदान करता है, लेकिन इसमें कुछ जोखिम भी शामिल हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और चीन से निवेश को प्रभावित करने वाले रेगुलेटरी बदलाव (Regulatory Changes) शामिल हो सकते हैं। भारत के 'प्रेस नोट 3' (Press Note 3), जो सीमावर्ती देशों से निवेश से संबंधित है, में अपडेट्स आए हैं, जो आर्थिक संबंधों में बदलाव का संकेत दे सकते हैं। इसके अलावा, कंपोनेंट बनाने में तेज़ी से विस्तार के लिए भारी निवेश की ज़रूरत होती है और क्वालिटी कंट्रोल व सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसी ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। Bhagwati Products को Dixon और Amber जैसी घरेलू कंपनियों से भी मुकाबला करना होगा, जिनके पास लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है और जो PLI स्कीम से मज़बूत हो चुकी हैं। इन जटिलताओं के प्रबंधन में किसी भी तरह की गड़बड़ कंपनी की फाइनेंसियल हेल्थ और मार्केट पोजीशन को नुकसान पहुंचा सकती है।
मार्केट आउटलुक और IPO की राह
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर सरकारी कार्यक्रमों जैसे PLI स्कीम, 'मेक इन इंडिया' पहल और ग्लोबल सप्लाई चेन को विविध बनाने के प्रयासों के कारण आगे भी बढ़ने की उम्मीद है। विश्लेषक आमतौर पर इन ट्रेंड्स से लाभान्वित होने वाली कंपनियों को सकारात्मक रूप से देखते हैं। अगर Bhagwati Products कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर अपने बदलाव को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो यह अपनी मार्केट अपील और प्रॉफिट मार्जिन में काफी सुधार कर सकती है। हालांकि, IPO की सफलता कुल मिलाकर मार्केट की स्थितियों, Bhagwati की लगातार प्रॉफ़िटेबिलिटी दिखाने की क्षमता और प्रतिस्पर्धी दबावों व भू-राजनीतिक कारकों के प्रबंधन में उसकी कुशलता पर निर्भर करेगी।