Behari Lal Engineering IPO: दूसरे दिन ही **3.24** गुना सब्सक्राइब, निवेशकों में दिखी दिलचस्पी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Behari Lal Engineering IPO: दूसरे दिन ही **3.24** गुना सब्सक्राइब, निवेशकों में दिखी दिलचस्पी

पंजाब की जानी-मानी कंपनी Behari Lal Engineering का ₹301.62 करोड़ का IPO दूसरे दिन **3** गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब हो गया है। ₹271 से ₹285 के प्राइस बैंड वाले इस इश्यू से कंपनी अपनी मशीनरी को अपग्रेड करने और कर्ज़ चुकाने की तैयारी में है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के कुछ खास ग्राहकों पर निर्भरता और ग्राहक बदलने की ज़्यादा दर जैसी बातों पर भी गौर करना होगा।

दूसरे दिन IPO में दिखा ज़बरदस्त उत्साह

Behari Lal Engineering के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में दूसरे दिन निवेशकों ने ज़बरदस्त दिलचस्पी दिखाई है। 13 अगस्त 2026 तक, इश्यू 3.24 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। पंजाब की यह कंपनी, जो मुख्य रूप से लोहा और स्टील से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है, इस IPO के ज़रिए कुल ₹301.62 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है। इस रकम में ₹93 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹208.62 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

एंकर बुक और फाइनेंशियल परफॉरमेंस

पब्लिक के लिए IPO खुलने से पहले, 11 अगस्त को कंपनी ने 9 एंकर निवेशकों से ₹90.48 करोड़ जुटाए थे। इनमें WhiteOak Capital Asset Management, Bandhan Mutual Fund, 360 ONE, और Singularity AMC जैसे बड़े नाम शामिल थे। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, कंपनी ने ₹546.52 करोड़ का रेवेन्यू और ₹64.64 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। यह आंकड़ा कंपनी के हालिया प्रदर्शन की एक झलक देता है, जिसे निवेशक IPO में प्रस्तावित ग्रोथ प्लांस के साथ तौल रहे हैं।

बिज़नेस के जोखिम और ग्राहकों पर निर्भरता

हालांकि सब्सक्रिप्शन के आंकड़े अच्छी मांग का संकेत देते हैं, कंपनी की फाइलिंग कुछ खास ऑपरेशनल जोखिमों को उजागर करती है जिन पर निवेशक अक्सर नज़र रखते हैं। एक बड़ी चिंता कुछ चुनिंदा ग्राहकों पर बिज़नेस का बहुत ज़्यादा निर्भर होना है। FY26 में, कंपनी के टॉप 10 ग्राहकों से 38% रेवेन्यू आया था, और इनमें से कई खरीदारों के साथ कंपनी के पास कोई लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। ऐसे लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट की कमी का मतलब है कि कुछ बड़े ग्राहकों को खोने का जोखिम भविष्य के रेवेन्यू को प्रभावित कर सकता है।

इसके अलावा, इसी फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 38.58% का कस्टमर टर्नओवर रेट (यानी, कितने प्रतिशत ग्राहक कंपनी से बिज़नेस करना बंद कर देते हैं) दर्ज किया। ग्राहकों के इतनी बड़ी संख्या में बदलने की दर एक कॉम्पिटिटिव मार्केट का संकेत देती है, जहां कंपनी को लगातार अपने ग्राहक बेस को बनाए रखने या बदलने के लिए काम करना पड़ता है, जो भविष्य की स्थिरता और प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।

फंड का इस्तेमाल और लिस्टिंग की योजना

कंपनी ₹93 करोड़ के फ्रेश इश्यू फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से पंजाब स्थित अपनी फैक्टरी में नई मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी और रूफटॉप सोलर पैनल खरीदने और लगाने के लिए करेगी। कर्ज़ चुकाने के लिए एक छोटी राशि, ₹57 लाख, भी आवंटित की गई है, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट को कुछ राहत मिल सकती है। बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

फिलहाल मार्केट का सेंटिमेंट पॉजिटिव दिख रहा है। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर पर लगभग ₹74 का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत ₹359 के आसपास हो सकती है, जो अपर प्राइस बैंड ₹285 से 26% ज़्यादा है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ एक अनुमान है और यह लिस्टिंग पर असली प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता। IPO 14 अगस्त को बंद होगा, और शेयरों की लिस्टिंग 19 अगस्त 2026 को BSE और NSE पर होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.