Behari Lal Engineering का ₹301.62 करोड़ का IPO आज खुल गया है, और 14 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इश्यू का प्राइस बैंड ₹271 से ₹285 प्रति शेयर तय किया गया है। हालांकि कंपनी का प्लान फ्रेश इश्यू से क्षमता विस्तार के लिए फंड जुटाना है, निवेशकों को बड़े ऑफर-फॉर-सेल (OFS) हिस्से और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे सेक्टर-विशिष्ट जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए।
Punjab की जानी-मानी निर्माता Behari Lal Engineering Ltd का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आज, 12 अगस्त 2026 को खुल गया है। यह इश्यू 14 अगस्त 2026 तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने इक्विटी शेयर के लिए ₹271 से ₹285 का प्राइस बैंड तय किया है, जिसमें लॉट साइज 52 शेयरों का है। इसका मतलब है कि रिटेल निवेशक को ऊपरी प्राइस बैंड पर कम से कम ₹14,820 का निवेश करना होगा।
इस इश्यू का कुल साइज ₹301.62 करोड़ है। इस ऑफर में दो मुख्य हिस्से हैं, जिन्हें समझना निवेशकों के लिए जरूरी है। IPO में ₹93 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसका मकसद कंपनी में पूंजी लाना है। वहीं, लगभग ₹208.62 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) भी है। OFS के तहत मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे, और इस पैसे का लाभ कंपनी को नहीं, बल्कि बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगा।
Behari Lal Engineering अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विस्तार के लिए फंड का इस्तेमाल करेगी। कंपनी पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ स्थित अपने प्लांट्स के लिए नया मशीनरी और उपकरण खरीदने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए भी फंड आवंटित कर रही है, जिससे परिचालन क्षमता बढ़ेगी और ऊर्जा लागत में कमी आ सकती है। कुछ पैसा मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए भी रखा गया है।
कंपनी ने पिछले कुछ सालों में ग्रोथ दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹449.96 करोड़ का रेवेन्यू बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹546.52 करोड़ हो गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹64.64 करोड़ तक पहुंच गया। CRISIL के अनुसार, कंपनी भारत में मेटल रोल्स बनाने के सेगमेंट में एक अहम खिलाड़ी है और देश की मांग का एक बड़ा हिस्सा पूरा करने की उम्मीद है।
बावजूद इसके, निवेशकों को इस इंडस्ट्री से जुड़े जोखिमों पर भी गौर करना चाहिए। Behari Lal Engineering आयरन और स्टील सेक्टर में काम करती है, जो इकोनॉमी की चाल के साथ बदलता रहता है और आर्थिक स्थितियों के प्रति संवेदनशील है। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, जो कि एक बड़ा इनपुट कॉस्ट है, सीधे तौर पर प्रॉफिट पर असर डाल सकता है। कंपनी पर कस्टमर कंसंट्रेशन का जोखिम भी है, क्योंकि वह कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भर करती है और सभी के साथ लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट नहीं हैं। हैवी इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण, कंपनी को अपने मार्जिन की सुरक्षा के लिए लगातार ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखनी होगी।
एंकर इन्वेस्टमेंट के तहत, कंपनी ने पहले ही ₹90.48 करोड़ जुटाए हैं, जो ऊपरी प्राइस बैंड ₹285 पर हुआ था। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 19 अगस्त 2026 को होने की उम्मीद है। निवेशकों को आने वाले दिनों में सब्सक्रिप्शन लेवल पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह लिस्टिंग से पहले मार्केट सेंटिमेंट का संकेत देता है।
