दिग्गज कंपनी Bayer ने बेंगलुरु के पास नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने के लिए कर्नाटक सरकार के साथ करार किया है। **₹200 करोड़** के इस निवेश से 2027 तक **220** नई नौकरियां पैदा होंगी। हालांकि, कंपनी की लिस्टेड इकाई Bayer CropScience को मॉनसून की अनिश्चितता के कारण रेवेन्यू में दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
जर्मन दिग्गज कंपनी Bayer भारत में अपने कामकाज का विस्तार करने जा रही है। कंपनी ने बेंगलुरु के पास अपना नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) बनाने के लिए कर्नाटक सरकार के साथ औपचारिक समझौता किया है। कंपनी का लक्ष्य अप्रैल 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट से पहले इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने का है। इस सेंटर के शुरू होने से इलाके में करीब 220 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
Bayer CropScience के नतीजों का हाल
यह निवेश ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी Bayer CropScience Limited चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 19% गिरकर ₹1,250.7 करोड़ रहा। हालांकि, कॉस्ट कटिंग और बेहतर मैनेजमेंट के दम पर कंपनी 9% का उछाल दर्ज करते हुए ₹166.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाने में कामयाब रही।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
फिलहाल निवेशक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि कंपनी सेक्टर के दबाव को कैसे हैंडल करती है। भारत में खेती के सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। असंतुलित मॉनसून के कारण बुआई और उत्पादों की मांग प्रभावित हुई है, जिससे कंपनी के इन्वेंट्री लेवल में बढ़ोतरी देखी गई है। साथ ही, ग्लोबल स्तर पर चल रहे कानूनी विवाद भी कंपनी की बैलेंस शीट के लिए एक चिंता का विषय बने हुए हैं।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी का कॉस्ट-सेविंग मॉडल रेवेन्यू में कमजोरी के बावजूद मार्जिन को सुरक्षित रख पाएगा।
