नई राह पर Balrampur Chini Mills: बायो-प्लास्टिक में बड़ा निवेश
Balrampur Chini Mills का यह बड़ा कदम कंपनी के लिए एक रणनीतिक बदलाव (strategic pivot) का संकेत है, जो हाई-ग्रोथ और पर्यावरण के प्रति जागरूक बायो-प्लास्टिक सेक्टर में प्रवेश कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि उभरते हुए टिकाऊ (sustainable) विकल्पों के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए।
प्लांट की क्षमता और रेवेन्यू का लक्ष्य
कंपनी Balrampur Bioyug नाम से 80,000 टन प्रति वर्ष कैपेसिटी वाला पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट उत्तर प्रदेश में लगा रही है। इसे अक्टूबर 2026 तक चालू करने की योजना है। कंपनी को उम्मीद है कि यह नया वर्टिकल, पीक कैपेसिटी पर पहुंचने के छह महीने के भीतर, सालाना ₹2,000 करोड़ तक का रेवेन्यू जेनरेट कर सकता है, और इसमें 35% तक का ईबीआईटीडीए मार्जिन (EBITDA margin) मिलने की उम्मीद है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सिंगल-यूज प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण को लेकर दुनिया भर में चिंताएं बढ़ रही हैं। कंपनी को अपने इस नए उत्पाद के लिए पहला बड़ा ऑर्डर लखनऊ कैंटोनमेंट बोर्ड से मिला है, जिसमें कम्पोस्टेबल गार्बेज बैग, पीएलए (PLA) बोतलें, 3डी-प्रिंटेड पेन और फ़ोल्डर शामिल हैं। इससे बायो-बेस्ड उत्पादों की मांग का पता चलता है। 23 फरवरी, 2026 तक, Balrampur Chini Mills (BALRAMCHIN) के शेयर लगभग ₹456-462 पर ट्रेड कर रहे थे, जिसका मार्केट कैप करीब ₹9,200-9,400 करोड़ था। पिछले एक साल में शेयर में करीब 4.34% की गिरावट आई है, और इसका 52-हफ्ते का रेंज ₹393 से ₹628 रहा है।
बाजार का अनुमान और कॉम्पिटिशन
भारत में पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) मार्केट के 2030 तक $63.3 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 23.7% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखी जा सकती है। Balrampur Chini Mills का ₹2,000 करोड़ (लगभग $240 मिलियन) का लक्ष्य यह दर्शाता है कि कंपनी इस उभरते बाजार का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने या इसके विकास को महत्वपूर्ण रूप से गति देने की उम्मीद कर रही है।
वैश्विक स्तर पर, पीएलए (PLA) मार्केट 2035 तक $4.21 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी सीएजीआर 14.15% होगी। पैकेजिंग पीएलए (PLA) का एक प्रमुख इस्तेमाल है, जिसने 2023 में भारत में 37% से अधिक मार्केट शेयर पर कब्जा किया है। सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंधों के कारण टिकाऊ विकल्पों की मांग बढ़ रही है।
भारत में Praj Industries, Greendot Bioplastics और EcoBharat जैसी कंपनियां भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। भारत में सरकार का समर्थन, जैसे कि सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और राष्ट्रीय बायोप्लास्टिक नीति के प्रस्ताव, बायो-प्लास्टिक को बढ़ावा दे रहे हैं। हालांकि, भारत अपनी 80% से अधिक बायोप्लास्टिक की कच्ची माल की जरूरतों को आयात करता है, जो एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
विश्लेषकों का Balrampur Chini Mills के स्टॉक पर आम तौर पर सकारात्मक रुख है। 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) की रेटिंग के साथ, 12 महीने के औसत प्राइस टारगेट ₹624 से ₹674 के बीच हैं। यह कंपनी की समग्र रणनीति पर विश्वास दर्शाता है, जिसमें डिस्टिलरी व्यवसाय में पिछले विस्तार भी शामिल हैं।
जोखिम और चुनौतियां (Bear Case)
Balrampur Chini Mills का अपने पीएलए (PLA) वेंचर से ₹2,000 करोड़ का आक्रामक रेवेन्यू लक्ष्य जांच का विषय है, खासकर भारतीय पीएलए (PLA) बाजार के वर्तमान छोटे आकार को देखते हुए। यह कंपनी के भारी बाजार वृद्धि या प्रमुख बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की उम्मीदों पर निर्भर करता है, जिसमें जोखिम निहित हैं।
पारंपरिक पेट्रोलियम-आधारित प्लास्टिक की तुलना में पीएलए (PLA) की उच्च लागत अभी भी इसके व्यापक रूप से अपनाने में एक बड़ी बाधा है। इसके अलावा, बायो-प्लास्टिक के लिए कच्चे माल पर भारत की निर्भरता मूल्य अस्थिरता और सप्लाई चेन में बाधाओं का कारण बन सकती है।
वित्तीय रूप से, जबकि Balrampur Chini Mills एक नए विकास क्षेत्र में विस्तार कर रहा है, इसके मुख्य व्यवसाय ने मिश्रित प्रदर्शन दिखाया है। पिछले पांच वर्षों में बिक्री वृद्धि केवल 2.69% रही है, और पिछले तीन वर्षों में इक्विटी पर रिटर्न (Return on Equity) कम 11.6% रहा है। हाल की तिमाही नतीजों में प्रति शेयर आय (EPS) में साल-दर-साल गिरावट देखी गई है, भले ही रेवेन्यू बढ़ रहा हो। इस पूंजी-गहन और नए सेगमेंट में संभावित असफलताओं को झेलने की कंपनी की क्षमता पर सावधानीपूर्वक नजर रखने की आवश्यकता होगी।
भविष्य की राह
इन चुनौतियों के बावजूद, बायो-प्लास्टिक में यह रणनीतिक कदम वैश्विक स्थिरता के रुझानों और प्लास्टिक कचरे को कम करने के सरकारी निर्देशों के अनुरूप है। विश्लेषकों के औसत प्राइस टारगेट, जो मुख्य रूप से ₹620-₹670 की सीमा में हैं, निरंतर आशावाद को दर्शाते हैं। Balrampur Chini Mills की कमाई सालाना 24.8% की मजबूत दर से बढ़ने का अनुमान है, जो भारतीय बाजार से बेहतर प्रदर्शन करेगा।
इस पीएलए (PLA) वेंचर की सफलता कंपनी की भविष्य की आय धाराओं और तेजी से बढ़ते ग्रीन इकोनॉमी में उसकी स्थिति को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगी, जिससे उसके स्थापित चीनी और इथेनॉल व्यवसायों को और मजबूती मिलेगी।