Bajel Projects ने Lakadia A Power Transmission से ₹1,500 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट गुजरात में 14 GW रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने में मदद करेगा। इसमें कंस्ट्रक्शन के साथ-साथ कंपनी ने जॉइंट वेंचर में इक्विटी हिस्सेदारी भी ली है।
कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा ऑर्डर
Bajel Projects Limited के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। कंपनी को मिला ₹1,500 करोड़ का यह कॉन्ट्रैक्ट अब तक का उसका सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है। यह प्रोजेक्ट गुजरात के 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' का अहम हिस्सा है, जिसका लक्ष्य जामनगर और लकाडिया जैसे हब से 14 GW रिन्यूएबल एनर्जी को नेशनल ग्रिड तक पहुंचाना है।
क्या है प्रोजेक्ट का स्कोप?
इस प्रोजेक्ट में कंपनी को हलवद और वडोदरा के बीच 270 किमी लंबी 765 kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन बिछानी है। साथ ही, हलवद, वडोदरा और साउथ ओल्पाड के सबस्टेशनों को भी अपग्रेड किया जाएगा। ये तकनीकी अपग्रेड भारत के 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार होंगे।
डुअल-वैल्यू मॉडल पर दांव
कंपनी ने इस बार सिर्फ कॉन्ट्रैक्टर की भूमिका नहीं निभाई है, बल्कि एक नया मॉडल अपनाया है। Bajel Projects ने AnantGrid Projects One Private Limited में 26% हिस्सेदारी खरीदी है, जबकि 74% हिस्सेदारी National Investment and Infrastructure Fund के पास है। इससे कंपनी को कंस्ट्रक्शन के दौरान कमाई के साथ-साथ लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट का भी फायदा मिलेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में काम करना कैपिटल-इंटेंसिव होता है और इसमें लंबे समय का जोखिम रहता है। स्टील और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण कॉस्ट बढ़ सकती है। निवेशकों को कंपनी के डेट मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट की डेडलाइन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसमें देरी कंपनी के मार्जिन पर सीधा असर डाल सकती है।
