इस नए ऑर्डर से Bajel Projects को क्या मिलेगा?
यह डील कंपनी के लिए काफी रणनीतिक मानी जा रही है। इस ऑर्डर के तहत मंदसौर पूलिंग स्टेशन पर 765kV AIS Extn. Substation Package SS 108T का काम किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy - RE) को ग्रिड से जोड़ने की क्षमता को बढ़ाएगा और देश के ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा। सरकार के बढ़ते पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (Public Capital Expenditure) को देखते हुए, यह प्रोजेक्ट खास महत्व रखता है।
कंपनी को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए नोटिफिकेशन ऑफ अवार्ड (Notification of Award) मिलने के बाद 18 से 30 महीनों का समय दिया जाएगा।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
Bajel Projects के एमडी और सीईओ (MD & CEO) राजेश गणेश ने कहा कि यह जीत कंपनी की तकनीकी काबिलियत को दर्शाती है। उनका कहना है कि कंपनी 'सही कॉन्ट्रैक्ट्स जीतने' पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि 'मार्जिन-अक्रिटिव ग्रोथ' (Margin-Accretive Growth) मिल सके। यह ऑर्डर कंपनी के हालिया शानदार Q3 नतीजों के बाद आया है, जिसमें एबिटडा मार्जिन (EBITDA Margin) में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। यह कंपनी के स्पेशलाइज्ड पावर ट्रांसमिशन ईपीसी प्लेयर (Specialized Power Transmission EPC Player) बनने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। अब कंपनी 'क्वालिटी ऑफ अर्निंग्स' (Quality of Earnings) और लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर जोर दे रही है।
आगे क्या उम्मीद है?
इस ऑर्डर को तय समय सीमा यानी 18 से 30 महीनों में सफलतापूर्वक पूरा करना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी। निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि Bajel Projects भविष्य में ऐसे ही स्पेशलाइज्ड ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट्स कैसे हासिल करती है और अपने मार्जिन को कैसे बेहतर बनाए रखती है। रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन (RE Integration) की बढ़ती मांग इस सेक्टर के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकती है।