तिमाही नतीजों पर एक नज़र
Bajaj Electricals ने Financial Year 2026 की चौथी तिमाही में ₹67.5 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) रिपोर्ट किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹59.1 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू (Revenue) में 2.1% की गिरावट आई और यह ₹1240 करोड़ रहा। कंपनी की EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 53% से अधिक गिरकर ₹43.2 करोड़ पर आ गई, जबकि EBITDA मार्जिन घटकर 3.5% रह गया, जो पिछले साल 7.3% था। यह कंपनी के प्रदर्शन पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
डिविडेंड का सरप्राइज
इन खराब नतीजों के बावजूद, Bajaj Electricals ने ₹3 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयरों पर यह भुगतान घोषित किया है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई, 2026 है। घाटे और मार्जिन में गिरावट के बावजूद डिविडेंड की घोषणा पर निवेशकों की नजरें रहेंगी।
शेयर में दबाव और भविष्य की राह
शुक्रवार को NSE पर Bajaj Electricals का शेयर 0.89% बढ़कर ₹393.10 पर बंद हुआ, जो Nifty इंडेक्स के 0.19% के मामूली नुकसान से बेहतर था। हालांकि, इस साल YTD (Year-to-Date) में शेयर 17.63% गिर चुका है और पिछले 12 महीनों में 40% से अधिक का गोता लगा चुका है। यह बताता है कि निवेशक अभी भी कंपनी को लेकर चिंतित हैं।
वैल्यूएशन और इंडस्ट्री की स्थिति
अप्रैल 2026 तक, Bajaj Electricals का P/E रेशियो (Price-to-Earnings ratio) लगभग 51.1 था। यह वैल्यूएशन तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब इसकी तुलनाpeers जैसे Havells India (P/E 44.0 से 47.46) और Crompton Greaves Consumer Electricals (P/E लगभग 43.4x FY25 के लिए) से की जाती है। घाटे और मार्जिन संकुचन के बावजूद, यह उच्च P/E भविष्य में कंपनी के मजबूत टर्नअराउंड की उम्मीदें दिखाता है।
भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रिकल सेक्टर धीरे-धीरे ठीक हो रहा है, जिसकी वजह गर्मी और दक्षिणी बाजारों में बेहतर मांग है। इस सेक्टर की कंपनियां कमोडिटी महंगाई और करेंसी के दबाव का सामना कर रही हैं, जिसके चलते मार्जिन बचाने के लिए कीमतों में 6-8% की बढ़ोतरी हुई है। प्रीमियम सेगमेंट अच्छा कर रहा है, लेकिन एंट्री-लेवल कैटेगरी पर दबाव बना हुआ है। Bajaj Electricals का FY25 का रेवेन्यू ग्रोथ 3.2% था, जो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के इंडस्ट्री मीडियन CAGR 10.02% से कम है।
वित्तीय स्थिति और ऑपरेशनल चिंताएं
कंपनी को ₹14.08 करोड़ और ₹429.44 लाख के GST डिमांड नोटिस मिले हैं, जिन्हें कंपनी चुनौती दे रही है। साथ ही, कंपनी अपनी घाटे वाली कुकवेयर यूनिट Nirlep को बेचने पर भी विचार कर रही है। एनालिस्ट्स की रेटिंग 'होल्ड' (Hold) बनी हुई है, और प्राइस टारगेट से निकट भविष्य में शेयर में ज्यादा उछाल की उम्मीद नहीं दिख रही है।