Q3 नतीजों पर खास नज़र:
BMW Ventures ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 16.14% की बढ़त देखने को मिली, जो ₹56,316.96 लाख रहा।
वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 44.94% का भारी उछाल दर्ज किया गया, यह ₹1,149.63 लाख रहा, जबकि पिछले साल यह ₹793.18 लाख था। बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 28.8% बढ़कर ₹1.61 हो गया, जो पिछली बार ₹1.25 था।
क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) प्रदर्शन:
मौजूदा तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों की तुलना पिछली तिमाही (Q2 FY26) से करें तो रेवेन्यू में 12.22% की बढ़त रही। PAT में तो और भी जबरदस्त उछाल आया, जो 61.61% दर्ज किया गया।
9 महीने का प्रदर्शन:
फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (9M FY26) में भी कंपनी ने अच्छी ग्रोथ दिखाई है। रेवेन्यू 4.78% बढ़कर ₹1,54,773.60 लाख हुआ। वहीं, PAT में 16.05% की वृद्धि के साथ यह ₹2,537.70 लाख रहा।
IPO फंड का इस्तेमाल:
कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) से जुटाए गए फंड के इस्तेमाल की भी जानकारी दी है। 31 दिसंबर, 2025 तक ₹19,500.00 लाख का इस्तेमाल किया जा चुका है। इसमें से ₹17,374.50 लाख का उपयोग लोन चुकाने के लिए और ₹2,125.50 लाख का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया गया है। ₹1,166.70 लाख अभी भी बैंकों के पास हैं। IPO से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹2,499.30 लाख तक पहुंच गए।
आगे क्या?
BMW Ventures का बिजनेस आयरन और स्टील उत्पादों की ट्रेडिंग, ट्रैक्टर वितरण, पीवीसी पाइप निर्माण और रेंटल सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। सरकार द्वारा चार लेबर कोड्स की अधिसूचना का कंपनी के फाइनेंसियल पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने फिलहाल भविष्य के लिए कोई स्पष्ट गाइडेंस (guidance) नहीं दी है, लेकिन तिमाही दर तिमाही और साल-दर-साल आधार पर टॉप-लाइन (top-line) और बॉटम-लाइन (bottom-line) में लगातार ग्रोथ कंपनी के मजबूत प्रदर्शन की ओर इशारा कर रही है। IPO फंड का बेहतर इस्तेमाल, खासकर कर्ज घटाने में, कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
