कंसॉलिडेटेड नतीजों में तूफानी तेजी
BLS International Services Limited ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जो काफी उम्मीदों से बढ़कर आए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ऑपरेशन से ₹736.46 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹512.85 करोड़ के मुकाबले 43.6% ज्यादा है। कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 35.9% की उछाल के साथ यह ₹190.56 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, शेयरधारकों को मिलने वाला नेट प्रॉफिट 33.1% बढ़कर ₹170.22 करोड़ दर्ज किया गया।
नौ महीनों की अवधि (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में भी कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 45.5% की जोरदार ग्रोथ देखने को मिली, जो ₹2,183.65 करोड़ रहा। इस दौरान नेट प्रॉफिट 36.1% बढ़कर ₹536.90 करोड़ हो गया। तिमाही के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹3.95 रही, जो पिछले साल ₹2.93 थी।
💰 शेयरधारकों को ₹2 का डिविडेंड!
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को खुश करते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 200% का पहला अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) घोषित किया है। इसका मतलब है कि ₹1 फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर ₹2.00 का भुगतान किया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी 2026 तय की गई है।
📉 स्टैंडअलोन नतीजों में थोड़ी गिरावट, टैक्स का असर
कंसॉलिडेटेड प्रदर्शन दमदार रहने के बावजूद, कंपनी के स्टैंडअलोन (standalone) नतीजों में थोड़ी नरमी दिखी। तीसरी तिमाही में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 33.5% बढ़कर ₹50.43 करोड़ हुआ। हालांकि, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4.6% घटकर ₹25.29 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹26.61 करोड़ था। कंपनी ने इस गिरावट का मुख्य कारण टैक्स खर्चों में हुए बड़े एडजस्टमेंट को बताया है। स्टैंडअलोन ईपीएस (EPS) ₹0.51 दर्ज किया गया।
🏢 ऑडिटर की रिपोर्ट में अहम बात
इंडिपेंडेंट ऑडिटर की समीक्षा रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण 'एफसिस ऑफ मैटर' (emphasis of matter) का उल्लेख किया गया है। यह एक सब्सिडियरी (subsidiary) के 'गोइंग कंसर्न' (going concern) की धारणा से जुड़ा है। ऑडिटर ने मैनेजमेंट के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के प्रयासों पर भरोसा जताते हुए यह माना है कि सब्सिडियरी चलती रहेगी। इस मामले पर ऑडिटर की राय में कोई बदलाव नहीं है।
परिचालन संबंधी अपडेट्स
इसके अलावा, कंपनी ने अपने रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) को Beetal Financial and Computer Services Private Limited से KFin Technologies Limited में बदलने का भी ऐलान किया है। साथ ही, कंपनी ने रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (RPT) पॉलिसी में संशोधन किया है और ऑडिट कमेटी का पुनर्गठन किया है।