नतीजों का बूस्टर डोज!
BLS International Services ने निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें रेवेन्यू के मोर्चे पर ज़बरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.62% बढ़कर ₹736.46 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹512.85 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 33.08% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹170.22 करोड़ रहा, जबकि पिछली बार यह ₹127.91 करोड़ था।
मार्जिन पर थोड़ी चिंता
हालांकि, रेवेन्यू और प्रॉफिट में शानदार उछाल के बावजूद, मार्जिन के मामले में थोड़ी नरमी दिखी है। Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड PAT मार्जिन 23.11% रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 24.94% था। इसी तरह, नौ महीनों (9M FY26) के दौरान भी रेवेन्यू 45.52% बढ़कर ₹2,183.65 करोड़ और PAT 36.12% बढ़कर ₹536.90 करोड़ हो गया, लेकिन 9M PAT मार्जिन 23.88% से घटकर 26.29% पर आ गया। इसका मतलब यह हो सकता है कि कंपनी की लागतें रेवेन्यू की ग्रोथ से थोड़ी तेज़ रही हैं।
शेयरधारकों को मिला डिविडेंड का तोहफा
निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि कंपनी के बोर्ड ने 200% का पहला अंतरिम डिविडेंड (इंटरिम डिविडेंड) घोषित किया है। यह प्रति शेयर ₹2.00 का डिविडेंड होगा, जो शेयरधारकों के लिए एक बड़ा तोहफा है।
अन्य अहम अपडेट्स
- RTA में बदलाव: BLS International अपने रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (RTA) को Beetal Financial and Computer Services Private Limited से बदलकर KFin Technologies Limited करने जा रही है।
- लेबर कोड का असर: नए नोटिफ़ाइड लेबर कोड के चलते ग्रेच्युटी पर लगभग ₹66.92 लाख का अतिरिक्त खर्च आएगा।
- IPO फंड का इस्तेमाल: कंपनी की सब्सिडियरी BLS E-Services Ltd. ने 31 दिसंबर, 2025 तक अपने ₹309.29 करोड़ के IPO फंड में से ₹120.50 करोड़ का इस्तेमाल कर लिया है। इन पैसों का उपयोग मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, ऑर्गेनिक ग्रोथ (जैसे नए BLS स्टोर्स खोलना) और अधिग्रहण के ज़रिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ को बढ़ावा देने में किया जा रहा है।