BHEL: ₹2.4 लाख करोड़ के ऑर्डर पर मंडराए खतरे! बढ़ती लागतें बनेंगी मुनाफे में रोड़ा?

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AuthorAditya Rao|Published at:
BHEL: ₹2.4 लाख करोड़ के ऑर्डर पर मंडराए खतरे! बढ़ती लागतें बनेंगी मुनाफे में रोड़ा?
Overview

Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के पास **₹2.4 लाख करोड़** का बड़ा ऑर्डर बुक है, जो भविष्य के रेवेन्यू (Revenue) की मजबूत तस्वीर पेश करता है। फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में कंपनी का टर्नओवर **18%** बढ़कर **₹32,350 करोड़** रहा। हालांकि, नए ऑर्डर्स आने की गति धीमी हुई है और बढ़ती कमोडिटी कीमतों के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव बन सकता है।

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Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के पास भविष्य की कमाई के लिए ₹2.4 लाख करोड़ का शानदार ऑर्डर बुक है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का टर्नओवर पिछले साल के मुकाबले 18% बढ़कर ₹32,350 करोड़ पर पहुंच गया है, जिसमें 8.9 गीगावॉट थर्मल पावर क्षमता की कमीशनिंग का भी योगदान है।

हालांकि, कंपनी के लिए नए ऑर्डर हासिल करने की रफ्तार थोड़ी चिंताजनक है। पूरे FY26 में कुल ऑर्डर इनफ्लो ₹75,000 करोड़ रहा, जो पिछले साल (FY25) के मुकाबले 19% कम है। वहीं, FY26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में ऑर्डरbooking में भारी गिरावट देखी गई। इस तिमाही में केवल ₹29,100 करोड़ के ऑर्डर मिले, जो पिछले साल की समान तिमाही (Q4FY25) से 67% कम हैं। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह पिछले साल की चौथी तिमाही में अडानी ग्रुप से मिले बड़े ऑर्डर को माना जा रहा है।

BHEL और कैपिटल गुड्स सेक्टर की दूसरी कंपनियां बढ़ती लागतों से जूझ रही हैं। वैश्विक तनावों के कारण तांबे (Copper) की कीमतों में 20% और एल्यूमीनियम (Aluminium) की कीमतों में 15% की साल-दर-साल वृद्धि हुई है। इन बढ़ती इनपुट कॉस्ट (Input Costs) का सीधा असर कंपनी के ऑपरेटिंग एक्सपेंस (Operating Expenses) पर पड़ रहा है। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और केईसी इंटरनेशनल (KEC International) जैसी बड़ी कंपनियां भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं।

इन बाहरी दबावों के बावजूद, BHEL भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी का अनुमान है कि FY28 तक रेवेन्यू में 33% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल की जाएगी और अगले दो फाइनेंशियल ईयर में करीब ₹80,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिल सकते हैं। इसके साथ ही, कंपनी अपने नेट प्रॉफिट को दोगुना करने और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) को मौजूदा 5-6% से बढ़ाकर FY28 तक 14-15% तक ले जाने का लक्ष्य रखती है। (FY25 में कंपनी ने ₹28,339 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹631 करोड़ का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था)।

विश्लेषकों का रुख इस स्टॉक पर सतर्कता से भरा हुआ है। 15 ब्रोकरेज फर्मों ने 'बाय' (Buy) रेटिंग दी है, 5 'होल्ड' (Hold) और 2 'सेल' (Sell) की सलाह दे रही हैं। उनका औसत टारगेट प्राइस ₹310 है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि BHEL की एग्जीक्यूशन (Execution) क्षमता में सुधार हो रहा है और सरकारी खर्च व पावर सेक्टर की मजबूत मांग के सहारे कंपनी अपने बड़े ऑर्डर बुक से अच्छी कमाई कर सकती है। हालांकि, इन बढ़ती लागतों के बीच कंपनी के लिए अपने ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदलना ही असली कसौटी साबित होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.