BHEL Share Price: सरकारी OFS का झटका! ₹2,800 Cr का बड़ा ऑर्डर भी नहीं बचा पाया स्टॉक को

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
BHEL Share Price: सरकारी OFS का झटका! ₹2,800 Cr का बड़ा ऑर्डर भी नहीं बचा पाया स्टॉक को
Overview

Bharat Heavy Electricals (BHEL) के शेयरधारकों के लिए आज का दिन मायूसी भरा रहा। सरकारी हिस्सेदारी बिक्री (OFS) के ऐलान के चलते कंपनी के शेयर **6%** से ज़्यादा टूट गए। सरकार ने **₹254** के फ्लोर प्राइस पर अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया, जिससे शेयर पर दबाव बढ़ा। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब BHEL ने **₹2,800 करोड़** का एक बड़ा ऑर्डर भी जीता था।

सरकारी हिस्सेदारी बिक्री का असर

Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के शेयरों में आज, 11 फरवरी 2026 को, बाजार खुलते ही जबरदस्त बिकवाली देखी गई। शेयर 6% से ज़्यादा लुढ़क गए। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा 5% तक हिस्सेदारी बेचने के लिए लाए गए ऑफर फॉर सेल (OFS) को माना जा रहा है। सरकार ने इस OFS के लिए शेयर का फ्लोर प्राइस ₹254 प्रति शेयर तय किया है, जो पिछले कारोबारी दिन की क्लोजिंग प्राइस से 8% कम था। इस डिस्काउंट (Discount) ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी और तुरंत बिकवाली शुरू हो गई। दोपहर तक, BHEL का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर करीब 5.80% गिरकर ₹260.10 पर ट्रेड कर रहा था। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब निफ्टी 50 इंडेक्स (Nifty 50 index) लगभग 25,950 के स्तर पर सपाट चल रहा था।

₹2,800 करोड़ का ऑर्डर और मजबूत नतीजे

OFS के कारण आई बिकवाली के बावजूद, BHEL के लिए एक अच्छी खबर भी आई। कंपनी की एक जॉइंट वेंचर, Bharat Coal Gasification and Chemicals, को ओडिशा में एक अमोनिया नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए ₹2,800 करोड़ का लेटर ऑफ अवार्ड (Letter of Award) मिला है। इस प्रोजेक्ट को 42 महीनों में पूरा किया जाना है, जिसके बाद 60 महीनों तक इसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस (Operation and Maintenance) भी BHEL के पास रहेगा।

कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों (Q3 Results) ने भी शानदार परफॉरमेंस दिखाई थी। दिसंबर 2025 में खत्म हुई तीसरी तिमाही में BHEL ने ₹382 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 206% ज़्यादा है। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) 16% बढ़कर ₹8,473 करोड़ हो गया।

सेक्टर आउटलुक और वैल्यूएशन

कैपिटल गुड्स (Capital Goods) सेक्टर के लिए माहौल काफी सकारात्मक है। यूनियन बजट 2026-27 में सरकार ने पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (Public Capital Expenditure) के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का भारी आवंटन किया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और BHEL जैसे कंपनियों के लिए मांग बढ़ेगी। दिसंबर 2025 में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (Industrial Production Index) में 8.1% की बढ़ोतरी देखी गई। पिछले 12 महीनों में BHEL के शेयरों में 38% से ज़्यादा की तेजी भी आई थी।

वैल्यूएशन (Valuation) की बात करें तो BHEL का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो फरवरी 2026 तक करीब 117x है, जो कि लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के 31-34x और सीमेंस इंडिया (Siemens India) व एबीबी इंडिया (ABB India) के 62-87x और 69-70x के मुकाबले काफी ज़्यादा है। BHEL का मार्केट कैप (Market Cap) लगभग ₹96,000 करोड़ है, जबकि L&T का मार्केट कैप ₹5.73 लाख करोड़ है।

आगे क्या?

सरकार द्वारा लगातार की जा रही हिस्सेदारी बिक्री (Divestment) BHEL जैसे पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) पर दबाव बनाए रखती है। OFS के लिए तय किया गया डिस्काउंट प्राइस (Discount Price) भविष्य में और डाइल्यूशन (Dilution) और सप्लाई बढ़ने की चिंताओं को बढ़ाता है। विश्लेषकों की राय बंटी हुई है, जिनके टारगेट प्राइस ₹61.61 से लेकर ₹375.00 तक हैं। कंपनी के नतीजों में सुधार और सेक्टर की मजबूती सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन ऐतिहासिक रूप से अस्थिर मुनाफे (Volatile Earnings) और कम EBITDA मार्जिन (EBITDA Margin) जैसी समस्याएं भी हैं। निवेशकों को सरकारी हिस्सेदारी बिक्री के अगले कदमों और कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) पर नजर रखनी होगी।

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