Q4 के नतीजे और 18 साल का रिकॉर्ड
जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही (Q4) BHEL के लिए बेहद शानदार रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा होकर ₹1,282.68 करोड़ पर जा पहुंचा, जबकि पिछले साल यह ₹504.05 करोड़ था। वहीं, ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी 36.9% बढ़कर ₹12,310 करोड़ हो गया।
₹75,000 करोड़ का नया ऑर्डर, बुक हुई ₹2.4 लाख करोड़ की
कंपनी के लिए अच्छी खबर सिर्फ नतीजों तक सीमित नहीं रही। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY25-26) में BHEL को कुल मिलाकर करीब ₹75,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इसके साथ ही, साल के अंत तक कंपनी की कुल आउटस्टैंडिंग ऑर्डर बुक ₹2.4 लाख करोड़ (₹2.4 Trillion) तक पहुंच गई है। पावर सेक्टर से करीब ₹59,000 करोड़ के ऑर्डर आए, जबकि ट्रांसपोर्टेशन, डिफेंस और इंडस्ट्रियल सेगमेंट से ₹16,000 करोड़ के ऑर्डर प्राप्त हुए।
निवेशकों का भरोसा बढ़ा
BHEL के प्रदर्शन को देखते हुए इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Institutional Investors) का भरोसा भी बढ़ा है। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में अपनी हिस्सेदारी 6.3% से बढ़ाकर 7.2% कर ली है। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी अपनी हिस्सेदारी 19.7% से बढ़ाकर 23.98% कर ली है। यह BHEL के भविष्य के ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स के प्रति पॉजिटिव सेंटीमेंट को दर्शाता है।
आगे और तेजी की उम्मीद
एक्सपर्ट्स का मानना है कि BHEL के शेयर में अभी और तेजी आ सकती है। JM Financial Institutional Securities के एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी के पास 18/14 GW की मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन है और नॉन-थर्मल सेक्टर्स में भी अच्छी विजिबिलिटी है। वे उम्मीद करते हैं कि अगले दो से तीन सालों में मार्जिन में सुधार होगा और यह मिड-टीन पर्सेंटेज तक पहुंच सकता है। JM Financial का कहना है कि BHEL का शेयर वर्तमान वैल्यूएशन पर काफी आकर्षक है।
