BHEL के मुनाफे में बड़ा उछाल: मार्जिन में सुधार और ऑर्डर बुक का कमाल
Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के इस जोरदार प्रदर्शन की मुख्य वजह EBITDA मार्जिन में बड़ा सुधार है। पिछले साल जहां यह 9.2% था, वहीं इस बार बढ़कर 14.2% हो गया। कंपनी की 'अन्य आय' (Other Income) भी ₹243 करोड़ रही। BHEL के पास लगभग ₹2.4 लाख करोड़ की जोरदार ऑर्डर बुक है, जो अगले 5 फाइनेंशियल इयर्स (FY29-30) तक रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी देती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में BHEL ने 8.9 GW पावर कैपेसिटी चालू की और करीब ₹75,000 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए।
Ather Energy की राह आसान, घाटा कम, रेवेन्यू ऊपर
दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनी Ather Energy ने मार्च तिमाही में अपना नेट लॉस घटाकर ₹100 करोड़ कर लिया है। कंपनी का रेवेन्यू 73.7% बढ़कर ₹1,175 करोड़ तक पहुंच गया। Ather Energy अपनी ऑपरेटिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करके मुनाफे की ओर बढ़ रही है। Q4 FY26 में कंपनी ने रिकॉर्ड 67,851 यूनिट बेचीं, जिससे देश के EV टू-व्हीलर मार्केट में उसकी हिस्सेदारी 17.4% हो गई। EBITDA लॉस भी पिछले साल के ₹172 करोड़ से घटकर ₹69.5 करोड़ रह गया।
ब्रोकरेज की राय और भविष्य की चुनौतियां
BHEL के शेयर की कीमत ₹344.50 के आसपास चल रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है। JM Financial ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹393 का टारगेट दिया है, लेकिन कुछ का मानना है कि शेयर अभी थोड़ा महंगा है, जिसका P/E रेश्यो करीब 147.22x है। BHEL का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1.16 से ₹1.21 लाख करोड़ के बीच है।
Ather Energy को सरकारी सब्सिडी (जो जुलाई 2026 तक जारी रहेगी) और $1.3 बिलियन से ज्यादा के वैल्यूएशन के साथ अच्छी फंडिंग का फायदा मिल रहा है। कंपनी पहले ही IPO के लिए फाइल कर चुकी है। हालांकि, Ather Energy को Ola Electric, Bajaj Auto और TVS Motors जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला करना होगा। रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतें और फॉरेन एक्सचेंज के उतार-चढ़ाव भी चुनौतियां हैं।
